Good Luck, Have Fun, Don’t Die Movie Review: क्या A.I सच में खत्म करेगा दुनिया को

Amir Khan
5 Min Read
IMAGE CREDIT: Good Luck Have Fun Dont Die

13 फरवरी 2026 को रिलीज हुई फिल्म “गुड लक हैव फन डॉन्ट डाई”, अब भारत में आ गई है जिसे अब आप अपने नजदीकी सिनेमाघर में देख सकते हैं। यह एआई पर बनी हुई एक साइंस फिक्शन फिल्म है।

अभी के समय में अगर इसकी आईएमडीबी रेटिंग देखें तो यह, 10 में से 7.5 की है। इस फिल्म की शूटिंग को केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका में पूरा किया गया और इसका बजट है 20 मिलियन डॉलर। अगर इन्हें भारतीय रुपए में कन्वर्ट किया जाए तो यह 181-182 करोड़ के बीच के होंगे।

एक रहस्यमयी शुरुआत: फ्यूचर से आया हुआ इंसान

फिल्म की शुरुआत में एक ऐसा आदमी दिखाया जाता है जो प्लास्टिक का कोट पहने हुए हैं और इसके बॉडी में तार लटक रहे हैं। जिसे देखकर लगता है कि वह कोई पागल इंसान है। यह आता है और चिल्ला कर कहता है कि, अब दुनिया खत्म हो जाएगी और इसे बचाने के लिए मुझे तुम लोगों की जरूरत है।

लोगों को हंसी इस बात पर आती है, जब वह इंसान कहता है कि मैं भविष्य से आया हूं। वह इंसान बताता है कि तुम लोगों को खतरा है एआई से। एआई सब खत्म कर देगा। यहां साइंस फिक्शन के साथ एआई का कंबीनेशन देखने को मिलता है।

एआई (AI) का खतरा और तबाही की चेतावनी

भविष्य से आया हुआ आदमी बताता है कि, मेरी दुनिया में सब कुछ एआई के कंट्रोल में है। मैं पहले भी पास्ट में जाकर लोगों को यह बात बता चुका हूं, पर किसी ने मेरी बात नहीं मानी। अब इसे यहां कुछ लोगों की मदद की जरूरत है जो आने वाले कल को बचा सकें।

क्या सच है भविष्य में एआई डरावना होगा

हम सब एक बात अच्छे से जानते हैं कि भविष्य में एआई के खतरे बढ़ेंगे। प्राइवेसी बिल्कुल खत्म हो जाएगी। नौकरियों पर संकट होगा। किसी की भी नकली वीडियो ऑडियो बनाई जा सकती है जिससे स्कैम बढ़ने की आशंका ज्यादा होगी।

अभी इंसान एआई को कंट्रोल कर रहा है। वह दिन दूर नहीं कि एआई इंसानों को कंट्रोल करने लगेगा। वैसे तो मेरे द्वारा कही गई ये बातें काल्पनिक हैं, पर यह बात भी नहीं भूलना चाहिए कि अगर ये सच हुआ तो डरावना है।

उदाहरण के रूप में अगर देखा जाए तो एक समय था जब दीपावली, होली, ईद आने से एक महीना पहले सभी लोगों के मन में एक उत्साह हुआ करता था और वह तैयारी शुरू करते थे पर रात के समय में हर कोई अपने फोन में घुसा हुआ है।

जहां इंसान को तो लगता है वह पूरी दुनिया से कनेक्ट कर रहा है पर असल में वह अपने पास बैठे हुए इंसान से भी बात नहीं करता।

बढ़ती टेक्नोलॉजी टूटते सामाजिक रिश्ते

जो भी दर्शक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरे को समझ रहे हैं, उन्हें यह फिल्म काफी रिलेटिव लगने वाली है। जिस तरह एंड्रॉयड फोन ने सोशल लाइफ को बिल्कुल बर्बाद कर दिया और एआई ने लोगों की नौकरियां खाना शुरू कर दी।

इस फिल्म को देखकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमारा भविष्य किसी खतरे की ओर बढ़ रहा है। फिल्म में सैम की परफॉर्मेंस शानदार है। जिस कैरेक्टर पर लोग जल्दी भरोसा नहीं करते हैं लोगो को लगता है कि यह पागल है।

पर ये पागल ना होकर अधिक बुद्धिमान है। वैसे तो साइंस फिक्शन फिल्में बहुत आ चुकी हैं पर यह उन फिल्मों की जैसी नहीं है। यह पूरी तरह से अनप्रिडिक्टेबल है। यहां पर कभी भी कैसे भी कुछ भी होता हुआ दिख जाता है।

कहानी में आगे क्या होगा इसका अनुमान लगाना आसान नहीं। फिल्म के अंत को समझने के लिए आपको अपने दिमाग का 100% इस्तेमाल करना है वरना ये कॉन्सेप्ट समझ नहीं आने वाला।कहानी काफी कॉम्प्लिकेटेड है जो जल्दी समझ में नहीं आती। अगर इसे सरल शब्दों में समझाया जाता तो दर्शकों के लिए काफी सही रहता।

फिल्म का बजट कम होना कहीं ना कहीं कहानी में देखने को मिलता है। जिन दर्शकों को लीक से हटकर फिल्म देखने का शौक है, साइंस फिक्शन में कुछ अलग देखना पसंद करते हैं तब इसे आप सिनेमाघर में जाकर देख सकते हैं।

मेरी तरफ से इस फिल्म को दी जाती है 3/5 स्टार की रेटिंग।

Share This Article
Leave a review