20 फरवरी 2026 को ‘दो दीवाने सहर में‘ (Do Deewane Seher Mein) फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। इसे सिनेमाघरों तक पहुंचने में काफी समय लग गया क्योंकि पहले इसे नवंबर 2025 में रिलीज होना था।
सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर के साथ-साथ सपोर्टिंग एक्टर्स में यहाँ इला अरुण, जॉय सेनगुप्ता और आयशा रज़ा मिश्रा भी दिखाई दे रहे हैं। फिल्म के निर्देशन की कमान संभाली है श्रीदेवी स्टारर फिल्म ‘मॉम’ बनाने वाले रवि उदयावर ने।
इस फिल्म का अनुमानित बजट 40 करोड़ रुपये के करीब है। इसने अपने पहले दिन पर बॉक्स ऑफिस पर 1.25 करोड़ इंडिया नेट कलेक्शन किया।
टाइम्स ऑफ इंडिया के द्वारा इसे 5 में से 3.5 की रेटिंग, न्यूज़ 18 ने 3 स्टार, नवभारत टाइम्स ने 3.5 स्टार, वहीं बॉलीवुड हंगामा ने 2.5 और इंडियन एक्सप्रेस ने 1.5 की रेटिंग दी। आइए जानते हैं कि इस फिल्म के ओटीटी राइट्स किस ओटीटी प्लेटफॉर्म के पास हैं।
Do Deewane Seher Mein ओटीटी प्लेटफार्म
20 फरवरी 2026 को रिलीज हुई ‘Do Deewane Seher Mein’ के ओटीटी राइट्स नेटफ्लिक्स के पास हैं। नेटफ्लिक्स की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की गई है कि वह इसे कब तक स्ट्रीम करेगा।
एक अनुमान के मुताबिक, यह मिड अप्रैल 2026 के आसपास नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होती दिखाई दे सकती है। अभी इस बात की ऑफिशियल कंफर्मेशन नहीं मिली है कि नेटफ्लिक्स ने इसके राइट्स कितने करोड़ रुपये में खरीदे हैं।
क्या खास है Do Deewane Seher Mein में
मुझे अर्बन ज़ोन के अंदर एक क्लासिकल रोमांस देखने की बहुत इच्छा थी और वह इच्छा इस फिल्म ने पूरी कर दी, क्योंकि ज्यादातर क्लासिकल रोमांस को छोटे टाउन में ही रखकर दिखाया जाता है।
फिल्म को ड्रैमेटिक अंदाज में तो पेश किया गया है पर मेलोड्रामा नहीं कहा जा सकता। हीरो-हीरोइन की मोहब्बत को इतने प्यारे ढंग से दिखाया गया है कि दर्शक के तौर पर हमें भी इससे प्यार हो जाता है।
इमोशंस को ओवर द टॉप न रखकर डीसेंट वे में पेश किया गया है। पानी के जैसा साफ क्लासिक प्यार को फिल्म के माध्यम से हमारे सामने परोसा गया है।
यह फिल्म बिल्कुल वैसी ही है जैसे कि समुद्र की बहती हुई धीमी-धीमी लहरें। यहाँ दिखाए गए सभी डायलॉग पावरफुल हैं। अगर आपने भी कभी किसी से प्यार किया हो, तो आसानी से इस फिल्म से खुद को रिलेट कर सकेंगे।
ज्यादातर इस तरह की फिल्मों का क्लाइमेक्स एक जैसा होता है, पर यहाँ पर क्लाइमेक्स में हमें कुछ संदेश भी दिया गया है। ज्यादातर फिल्मों में मुंबई शहर को भीड़-भाड़ और शोर-शराबे की तरह ही दर्शाया जाता है, पर यहाँ ऐसा नहीं है। इस मुंबई शहर में सुकून ही सुकून है।
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