जियोहॉटस्टार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी डबिंग में ‘डेड सी’ (Dead Sea) नाम की सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म को रिलीज किया गया है। इस फिल्म को आईएमडीबी पर 10 में से 5.2 की रेटिंग मिली है। वैसे तो यह 2024 जुलाई के महीने में सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी।
पर अब आप इसे तमिल, तेलुगू और हिंदी डबिंग के साथ जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे। 1 घंटा 28 मिनट की यह फिल्म कैसी है आइए जानते हैं।
क्या है फिल्म का मुख्य बेसिक प्लॉट
यहाँ काया नाम की एक लड़की की कहानी को दिखाया गया है, जो अपने पापा और छोटे भाई के साथ रहती है और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाए हुए है। इसकी माँ की मृत्यु हो गई है। एक दिन काया और उसके 4 दोस्त बाहर कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं।
जब ये लोग बाहर घूमने जाते हैं तब शुरुआत में तो सब कुछ ठीक-ठाक चलता है। यहाँ कुछ ऐसा होता है कि ये अपने दोस्तों को बचाने के चक्कर में समुद्र के बीचों-बीच फंस जाते हैं। तब यह बन जाती है एक सर्वाइवल थ्रिलर जहाँ काया को अपनी जिंदगी बचानी है।
तभी फरिश्ता बनकर एक मछुआरा आता है जिसे देखकर लगता है कि अब शायद वह इसको बचा लेगा। पर बाद में पता चलता है कि यहाँ सब कुछ जैसा दिखाई दे रहा है असल में वैसा है नहीं।
काया को पता चलता है कि जो इंसान उसे बचाने आया है वह असल में बचाने नहीं बल्कि अपने फायदे के लिए उसे इस्तेमाल करना चाहता है। तभी यह एक सर्वाइवल थ्रिलर टाइप की फिल्म बन जाती है।
अगर आपको भी इस तरह की सर्वाइवल पर बनी फिल्में देखना पसंद है जहाँ टेंशन, डर और थ्रिल का तड़का देखने को मिले तब इसे जियो हॉटस्टार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी डबिंग के साथ देखा जा सकता है।
लाइफ ऑफ पाई जैसा रोमांच नहीं, लूपहोल्स से भरी सर्वाइवल थ्रिलर
सर्वाइवल फिल्मों की जो मुख्य बात होती है, वहाँ यही दिखाया गया है कि जिंदगी से कैसे लड़ा जाए और किस तरह खुद को बचाया जा सके। ऐसी कहानी कुछ यहाँ पर भी देखने को मिलती है जहाँ कुछ लोग मरेंगे और कुछ जिंदा निकल पाएंगे।
अगर आपने इससे पहले भी सर्वाइवल थ्रिलर जैसे कि लाइफ ऑफ पाई, कास्ट अवे, 127 ऑवर्स और ऑल इज लॉस्ट देख रखी होंगी तो यह थोड़ा डिसअपॉइंटिंग लगेगा क्योंकि यहाँ उस तरह का सर्वाइवल नहीं दिखाया गया है जो बहुत ज्यादा रोमांच से भरा हुआ हो।
फिल्म को देखते समय यहाँ बहुत से लूपहोल्स साफ नजर आएंगे, फिर वह चाहे सिनेमैटोग्राफी हो, म्यूजिक हो या फिर एक्शन। पर ऐसा नहीं है कि सारी कमियां ही हैं, यहाँ पर कुछ पॉजिटिव पॉइंट्स भी हैं। उनमें से एक पॉजिटिव पॉइंट यह है कि इसका रनिंग टाइम बेहद कम है, जो आसानी से निकल जाता है।
फिल्म के द्वारा दिया गया संदेश
फिल्म के जरिए मेकर्स की ओर से दिखाने की कोशिश की गई है कि इंसान की असली ताकत उसके अंदर छुपी हुई उसकी जिद है। साथ ही फिल्म में इंसान के लालच को भी अच्छे से दिखाया गया है। फिल्म हमें बताती है कि इंसान अपने लालच के लिए किस हद तक गिर सकता है।
साथ ही मेकर्स के द्वारा यहाँ पर यह भी बताया गया है कि जिंदगी बहुत छोटी है, हर पल को एन्जॉय करना चाहिए। खुद पर भरोसा रखें, जो भी काम करें दिल से करें। जिंदगी से लड़ने वाला इंसान कभी ना कभी जीत का मुँह देखता ही देखता है।
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