Return to Silent Hill Review: 14 साल का इंतज़ार और मिला ये?

Return to Silent Hill Review: क्रिस्टोफर गंस के निर्देशन में बनी 'रिटर्न टू साइलेंट हिल' (2026) का पूरा हिंदी रिव्यू। मॉन्स्टर हॉरर से भरपूर इस फिल्म की रहस्यमयी कहानी, कमजोर VFX और फिल्म की कमियों व अच्छाइयों के बारे में विस्तार से जानें। क्या यह फिल्म देखने लायक है?

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February 25, 2026 10:21 AM (IST)
Return to Silent Hill Movie Review in Hindi

सन 2014 में आई फिल्म ‘ब्यूटी एंड द बीस्ट‘ के डायरेक्टर ‘क्रिस्टोफर गंस‘, की नयी फिल्म “रिटर्न टू साइलेंट हिल” 23 जनवरी 2026 के दिन सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी, और अब इसे VOD यानी डिजिटल पर उप्लभ्द करवा दिया गया है।

‘रिटर्न टू साइलेंट हिल’ फिल्म का जॉनर, मॉन्स्टर हॉरर, साइकोलॉजिकल ड्रामा और सुपरनैचुरल हॉरर के इर्द-गिर्द घूमता है। फिल्म के मुख्य कलाकारों में, जेरेमी इरविन, हैना एमिली एंडरसन, ईवी टेम्पलटन, पियर्स ईगन’ नजर आते हैं तो वहीं इस मूवी की टोटल लंबाई की बात करें तो यह एक घंटा 46 मिनट की है।

तो चलिए जानते हैं 2012 में आयी साइलेंट हिल फ्रेंचाइजी की यह तीसरी कड़ी यानी ‘रिबूट’ बेहतर है या फिर नहीं? और करते हैं इस फिल्म का रिव्यू।

फिल्म की स्टोरी (बिना स्पॉइलेर्स)

‘रिटर्न टू साइलेंट हिल’ फिल्म ‘जेम्स सुंदरलैंड’ (जेरेमी इरविन) नाम के लड़के की कहानी पर आधारित है, जो भूतकाल और वर्तमान काल से जूझ रहा है यानी इसमें कुछ ऐसी घटनाएं दिखाई जाती हैं, जो बीते समय में घट चुकी हैं, साथ ही यह कहानी वर्तमान समय में भी चलती है।

फिल्म की शुरुआत ‘जेम्स सुंदरलैंड’ नाम के एक लड़के से होती है, जो कि अपना वीकेंड मनाने के लिए जंगलों की ओर रुख कर रहा था, लेकिन इसी बीच उसकी कार एक लड़की ‘मैरी क्रेन’ (हैना एमिली एंडरसन) से टकरा जाती है।

मैरी क्रेन रोड पर खड़े होकर बस का इंतजार कर रही थी, हालांकि इस घटना के होने के बाद जेम्स और मैरी एक साथ अपने सफ़र पर चल देते हैं और इन दोनों का यह सफर साइलेंट हिल नाम की एक जगह पर जाकर थमता है।

क्योंकि यह दोनों एक साथ साइलेंट हिल को एक्सप्लोर करते हैं, जिस वजह से जेम्स और मैरी काफी करीब आ जाते हैं और इन दोनों को ही प्यार हो जाता है। लेकिन आगे चलकर इसी साइलेंट हिल नाम की जगह पर इन दोनों के साथ कुछ ऐसी घटनाएं घटती हैं, जो काफी रहस्यमय हैं।

हालांकि इसी दौरान जेम्स की वर्तमान वाली जिंदगी को दिखाया जाता है, जहां पर जेम्स अब शहर में मौजूद एक बियर बार में बैठकर शराब पी रहा है, इस दौरान जेम्स को अपने पुराने समय से जुड़ी यादें आने लगती हैं साथ ही उसे अपनी मर चुकी पत्नी मैरी का लेटर भी मिलता है।

अपनी इन्हीं पुरानी यादों का पीछा करते हुए जेम्स एक बार फिर साइलेंट हिल की ओर निकल पड़ता है। जहां पर जेम्स की मुलाकात ‘एंजेला’ (ईव मैकलिन) नाम की लड़की से होती है, जो काफी अजीब है।

हालांकि एक चीज और है जो एंजेला से भी ज्यादा अजीब है और वह है इस साइलेंट हिल नाम की जगह का पूरा वातावरण जो कि धूल और धुंध से भरा हुआ है।

जेम्स के पूछने पर एंजेला उसे बताती है, कि यहां जंगल में आग लगी थी उसी की वजह से यह धुंध छाई हुई है। पर जैसे-जैसे जेम्स मैरी की यादों का पीछा करते हुए साइलेंट हिल की ओर अंदर बढ़ने लगता है, उसका टकराव अपनी बीती जिंदगी से होना शुरू हो जाता है।

जैसे जैसे जेम्स, साइलेंट हिल शहर की उन जगहों पर जाता है, जहां बीते समय में सब कुछ खुशहाल हुआ करता था, जैसे कि वह अस्पताल और पब जहां यह दोनों मिलकर शराब पिया करते थे वह अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं, जैसे मानो इस जगह पर कोई भूचाल या फिर क़यामत आई हो।

इसी दौरान जेम्स की मुलाकात एड बोरोस्की और लॉरा नाम के 2 अजीब लोगों से होती है, जो एक जेल में बंद होते हैं। यह दोनों ही काफी अजीब व्यवहार करते हुए दिखाई देते हैं।

लेकिन बातचीत करने के बाद वह जेम्स को बताता है, कि इस शहर में कुछ बहुत बुरा घटा था और अब साइलेंट हिल इलाक़ा पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है।

वहीं दूसरी ओर जेम्स, एक लेडी ऑफिसर ‘एम’ (निकोला एलेक्सिस) से भी संपर्क में जुड़ा हुआ है जो उसे लगातार उस शहर और अपनी पुरानी यादों से वापस आने की हिदायत दे रही है। साथ ही यह एम नाम की औरत अपने बड़े ऑफिसर्स के साथ किसी तरह के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने की भी बात करते हुए भी दिखाई देती है।

अब क्या है इस लेडी ऑफिसर एम का प्रोटोकॉल?
क्या इस शहर में किसी तरह का परमाणु हमला हुआ था या फिर कोई एलियन अटैक?
क्या जेम्स और मैरी फिर से एक हो पाएंगे?
इन सब बड़े सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी फिल्म रिटर्न टू साइलेंट हिल।

रिटर्न टू साइलेंट हिल की बड़ी कमियां

साल 2006 में आई इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म साइलेंट हिल को दर्शकों से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी, और इसके कुछ ही सालों बाद साल 2012 में साइलेंट हिल रेवेलेशन 3D मूवी को रिलीज किया गया था और इस फिल्म ने भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था।

और अब तकरीबन 14 साल के बाद रिटर्न टू साइलेंट हिल को रिलीज किया गया है, लेकिन कमाल की बात तो यह है कि इस बार भी फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म उस तरह का कलेक्शन नहीं कर पा रही जो एक सफल फ्रेंचाइजी को करना चाहिए। और मुझे लगता है कि मुख्य वजह ये हैं –

1- खराब VFX

फिल्म रिटर्न टू साइलेंट हिल का cgi और वीएफएक्स इतना खराब है, कि जब आप इस फिल्म को देखना शुरू करते हैं तब समझ ही नहीं आता कि क्या हम प्लेस्टेशन का कोई वीडियो गेम देख रहे हैं या फिर कोई असल फिल्म।

यकीन मानें यह इतना खराब है कि फिल्म के एक प्वाइंट पर आने के बाद आप इस फिल्म को पूरा नहीं देख सकेंगे।

2- भूतकाल और वर्तमानकाल का भद्दा मेल

यकीन मानें अपने जीवन में मैंने अनगिनत हॉलीवुड फिल्में देखी हैं जिनमें कुछ अच्छी रहीं और कुछ बुरी। लेकिन जिस तरह से रिटर्न टू साइलेंट हिल फिल्म को देखते वक्त मुझे महसूस हुआ वह इतना ज्यादा खराब एक्सपीरियंस रहा, जो मैं इस तरह की किसी भी विंटेज फ्रेंचाइजी से बिल्कुल भी एक्सपेक्ट नहीं करता हूं।

क्योंकि फिल्म में जिस तरह से पुरानी और नई घटनाओं का तालमेल बिठाया गया है वह बिल्कुल भी फिट नहीं बैठता या किसी ट्रॉमा से कम नहीं। खासकर वह सीन जब जेम्स लेडी ऑफिसर एम से संपर्क करता है।

क्योंकि वह उसे लगातार वहां से बाहर निकलने की चेतावनी देती रहती है लेकिन जेम्स बिना किसी आधार के साइलेंट हिल को एक्सप्लोर करने में जुटा रहता है, और यह सब देखने में काफी आधारहीन लगता है।

3- फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक

23 मई 1980 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘द शाइनिंग’ इसका BGM फिल्म ‘रिटर्न टू साइलेंट’ हिल’ के मुकाबले काफी अच्छा था, क्योंकि रिटर्न टू साइलेंट का म्यूजिक फिल्म के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं खाता।

फिल्म की कुछ अच्छाइयां

मूवी में भले ही हर एक चीज फिक्शनल दिखाई जा रही थी, लेकिन जिस तरह से जेम्स के किरदार में नजर आए अभिनेता ‘जेरेमी इरविन’ ने एक्टिंग की है वह लाजवाब है।

क्योंकि ग्रीन स्क्रीन के साथ क्रिएचर्स वाले सीन को शूट करना किसी भी एक्टर के लिए काफी मुश्किल होता है। रिटर्न टू साइलेंट हिल फिल्म का एग्जीक्यूशन भले ही इस फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों से बहुत ज्यादा कमजोर हो,

लेकिन फिर भी इसका सेकंड हाफ और अंत वाला क्लाइमैक्स कुछ हद तक बेहतर महसूस होता है। जिसने मेरे इस फिल्म को देखने में हुए टॉर्चर और घावों को कुछ हद तक कम कर दिया।

निष्कर्ष: देखें या नहीं?

अगर आप इससे पहले हॉलीवुड की अपोकैलिप्स या फिर ज़ोंबी वाली कहानियों पर बनी बेहतरीन फिल्में देख चुके हैं तब रिटर्न टू साइलेंट हिल को देखना बिल्कुल भी बेहतर एक्सपीरियंस साबित नहीं होगा।

हालांकि मैंने फिलहाल इसे नॉर्मल स्क्रीन पर देखा है, तो हो सकता है 3D या 4DX में इसे देखने का एक्सपीरियंस दर्शकों को कुछ गनीमत लगे।

रेटिंग: 2.5/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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