17 फरवरी 2026 के दिन ‘वीओडी/डिजिटल’ (रेंटल बेस) पर रिलीज हुई फिल्म ‘हेलफायर’, जिसकी कुल लंबाई तकरीबन 95 मिनट (1 घंटा 35 मिनट) के बीच है। इस फिल्म का निर्देशन ‘आइजैक फ्लोरेंटाइन’ ने किया है, जो इससे पहले निंजा, बॉयका और अनडिस्प्यूटेड सीरीज़ जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं।
हेलफायर फिल्म का जॉनर एक्शन-थ्रिलर कैटेगरी के अंतर्गत आता है। जहां आपको दमदार विंटेज क्वालिटी देखने को मिलेगी। तो चलिए जानते हैं यह फिल्म आपका समय डिज़र्व करती है या फिर नहीं? और करते हैं हेलफायर मूवी का डिटेल रिव्यू।
हेलफायर फिल्म की कहानी (बिना स्पॉइलर्स)
फिल्म की कहानी टेक्सास के एक छोटे से टाउन में गढ़ी गई है, इस कस्बे का नाम ‘रोंडो’ है। इस जगह पर ‘जेरेमाया व्हाइटफील्ड’ (हार्वे कीटेल) नाम के एक दबंग का राज चलता है।
क्योंकि जेरेमाया पूरी तरह से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है, और इस कस्बे के लोगों से जबरदस्ती अपने कोकीन के काले बाजार को बढ़ाने के लिए काम करवाता है।
इसी टाउन में ओवन और ‘लीना’ (स्कॉटी थॉम्पसन) भी रहते हैं, जो कि पेशे से एक छोटा सा रेस्टोरेंट और बार चलाते हैं। ओवन (क्रिस मुलिनैक्स) जो की चल नहीं सकता, जिस वजह से उसे हमेशा व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है।
वहीं दूसरी ओर ‘लीना’ है जिसके पति का नाम ‘ब्रायन’ था, जो बीते समय में वियतनाम वॉर के दौरान शहीद हो गया, जिस वजह से अब लीना अपने पिता ओवन के साथ ही रहती है।
हालांकि विधवा होने की वजह से लीना को बहुत सारी दिक्कतों का सामना रोजमर्रा की जिंदगी में करना पड़ता है। जिनमें से लीना की सबसे बड़ी मुसीबत है जेरेमाया का बेटा ‘क्लाइड’ (माइकल सिरो)। जो हमेशा ही लीना पर बुरी निगाह रखता है।
इसी टाउन में ‘शेरिफ वाइली’ (डॉल्फ लुंडग्रेन) नाम का पुलिस ऑफिसर भी मौजूद था’ हालांकि वह भी एक काफी करप्ट नेचर का आदमी था, जो कि जेरेमी के ड्रग्स वाले काले साम्राज्य को चलाने में उसकी मदद किया करता था। यही वजह थी कि इस टाउन में धड़ल्ले से ड्रग्स की तस्करी चल रही थी।
साथ ही शेरिफ वाइली बाहरी लोगों को अपने एरिया में बिल्कुल भी रुकने नहीं देता था, क्योंकि उसे डर था कि अगर कोई बाहरी इंसान यहां आकर रहेगा तो उसे इस जगह पर पनप रहे ड्रग्स के धंधे के बारे में पता चल जाएगा।
हालांकि शेरिफ यह नहीं जानता था कि जल्द ही रोंडो की किस्मत बदलने वाली थी, जहां एक सुनहरी सुबह इस टाउन में एंट्री होती है ‘नोमैड’ (स्टीफन लैंग) की, नोमैड का शाब्दिक अर्थ है घुमक्कड़ इंसान।
हालांकि फिल्म में इस मुख्य किरदार का असली नाम नहीं बताया गया है। लेकिन यह एक रिटायर्ड यूएस स्पेशल फोर्सेस ग्रीन बेरेट है और बीते समय (1960s-1970s) के वियतनाम वॉर का हिस्सा रह चुका है।
इसी दौरान वह ओवन के रेस्टोरेंट में पहुंच जाता है, जहां ओवन उसे मुफ्त में खाना खिला देता है, क्योंकि नोमैड के पास पैसे नहीं होते। लेकिन जैसे-जैसे यह कहानी आगे बढ़ती है ओवन, नोमैड को अपने रेस्टोरेंट के छोटे-मोटे काम के लिए नौकरी पर रख लेता है।
हालांकि लीना को नोमैड का यहां रहना बिलकुल भी पसंद नहीं आ रहा था, क्योंकि वह जानती थी, कि नोमैड की वजह से उसे और उसके पिता को आगे चलकर बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
और आगे चलकर फिल्म में ठीक ऐसा ही होता है, जब अगली सुबह जेरेमी का बेटा क्लाइड इस रेस्टोरेंट में आता है तब वह हमेशा की तरह ही इस बार भी लीना के साथ बदसलूकी करने की कोशिश करता है।
इसी दौरान नोमैड इस मामले के बीच में आकर क्लाइड और उसके साथियों को तगड़ा सबक सिखाता है और उन सभी की बंदूकें छीन कर वहां से भगा देता है। इस घटना के बाद लीना की चिंता अब यकीन में बदल चुकी थी क्योंकि वह जानती थी आगे चलकर उसके लिए बड़ी मुसीबतें आने वाली हैं।
क्या लीना और नोमैड मिलकर इस टाउन में मौजूद जेरेमाया व्हाइटफील्ड के ड्रग्स के साम्राज्य को खत्म कर पाएंगे?
या फिर क्लाइड और उसके साथी नोमैड की जान ले लेंगे?
क्या नोमैड सच में एक रिटायर्ड ऑफिसर है या फिर उसे जानबूझकर किसी मकसद के लिए इस टाउन में भेजा गया है?
इन सभी बड़े सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी यह फिल्म।
किसकी एक्टिंग बेस्ट है
फिल्म के मुख्य किरदार में नजर आने वाले कलाकार ‘स्टीफन लैंग’, जिन्होंने फिल्म में नोमैड का किरदार निभाया है, वह लाजवाब हैं। क्योंकि फिल्म में भले ही वह लगभग 60 साल के नजर आते हों, पर जिस तरह से उन्होंने अपने एक्शन सीक्वेंस को अंजाम दिया है वह तारीफ के काबिल है।
जहां एक ओर नोमैड अपनी वियतनाम वॉर की यादों से जूझ रहा है, लेकिन फिर भी जिस तरह से वह स्थिर नजर आता है उसे देखकर आंखों को ठंडक महसूस होती है।
वहीं लीना के किरदार में नजर आने वाली कलाकार ‘स्कॉटी थॉम्पसन’ जबरदस्त हैं। उनके चेहरे पर वह उदासी और अपने पति को खोने का गम साफ नजर आता है।
यही वजह है कि लीना का हर एक सीन काफी खूबसूरत दिखाई देता है। साथ ही यह हमें सिखाता है कि एक पूरी तरह से टूटी हुई औरत भी बदलाव लाने के लिए काफी है।
फिल्म में कई अन्य कलाकार भी दिखाई देते हैं, जैसे कि ओवन, शेरिफ और क्लाइड वाले विलेन के किरदार में नजर आए कलाकार हार्वे कीटल, डॉल्फ लुंडग्रेन, माइकल सिरो, इन सभी ने अपने-अपने रोल को अच्छे से निभाया है।
फिल्म की खूबियां
द हेलफायर फिल्म की कहानी को सन 1988 के समय में सेट किया गया है, और यकीन मानिए जिस तरह से इसका हर एक दृश्य विंटेज फील देता है, जिसे देखकर मैं हक्का-बक्का रह गया। यकीन मानिए इस फिल्म की सिनेमैटोग्राफी एक तरह का जादू है यही वजह है कि इस फिल्म को देखते समय असल में मैं 1988 को जी सका।
फिर चाहे वह फिल्म में दिखाए गए एक छोटे से कस्बे का शांत माहौल हो, या फिर वहां रह रहे लोगों से जबरदस्ती मजदूरी करवाना। यहां हर एक दृश्य लाजवाब है।
फिल्म में एक सीन आता है जब इसी कस्बे में रहने वाले ‘रैंडल’ को सजा दी जाती है, क्योंकि उसकी पत्नी ‘विवियन’ के कहने पर उसने विलेन जेरेमी व्हाइटफील्ड की प्रॉपर्टी में मौजूद एक फोन कॉल का इस्तेमाल कर लिया था।
जिस वजह से सजा के तौर पर रैंडल का एक हाथ तोड़ दिया जाता है। फिल्म का यह सीन हमें उस समय में कमज़ोर लोगो पर होने वाली क्रूरता को हमारे सामने रखता है। कहानी में एक एक्शन सीक्वेंस भी देखने को मिलता है, जो नोमैड और क्लाइड के दो साथियों क्लेटस, रैंडल के बीच होता है, वह भी लाजवाब है।
मूवी के कमजोर पक्ष
वैसे तो यह फिल्म मुख्य रूप से सन 1960 के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिस वजह से इसमें पुराने समय को बखूबी पेश किया गया है, हालांकि इस वजह से फिल्म की स्टोरी में आज कल जैसा मिर्च-मसाला या फिर तड़क भड़क देखने को नहीं मिलता।
कहानी में एक सबसे बड़ी कमी जो मुझे महसूस हुई वह थी, फिल्म में कम किरदारों का दिखाया जाना। हाँ भले ही इसकी स्टोरी को एक छोटे से कस्बे में दिखाया गया है, लेकिन फिर भी अगर कहानी में गांव के लोगों को और भी ज्यादा संख्या में दिखाया जाता, तो यह कहानी और भी ज्यादा रियल फील महसूस करवा सकती थी।
निष्कर्ष:
अगर आपने हॉलीवुड फिल्म ‘ब्लाइंड फ्यूरी’ और ‘टॉम्बस्टोन’ या फिर बॉलीवुड फिल्म ‘घायल’ और ‘जंजीर’ देख रखी है। तब आप ‘हेलफायर’ फिल्म को रिकमेंड कर सकते हैं।
क्योंकि यहां ठीक उसी तरह से काले साम्राज्य को मिटाने की जंग और इसे जड़ से उखाड़ देने की कोशिशें देखने को मिलती हैं। फिल्म में कोई एडल्ट सीन नहीं है जिस वजह से आप इसे फैमिली के साथ भी देख सकते हैं।
रेटिंग: 4/5
