Bhootan Wala Khooh Review: क्या सच में कुएं में भूत है? फिल्म देख उड़ जाएंगे आपके होश!

Bhootan Wala Khooh Review: पुरानी यादें और एक शापित कुआँ! क्या नए शादीशुदा जोड़े की एक गलती उन पर भारी पड़ेगी? रोंगटे खड़े कर देने वाली इस कहानी का पूरा सच जानने के लिए अभी पढ़ें यह रिव्यू।

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February 21, 2026 10:22 AM (IST)
Bhootan Wala Khooh Review hindi

पंजाबी हॉरर फिल्म “Bhootan Wala Khooh“, जिसे 16 फरवरी 2026 के दिन ‘चौपाल ओटीटी’ प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म के नाम Bhootan Wala Khooh का हिंदी शाब्दिक अर्थ है ‘वह कुंआ जिसमें भूत रहता है’।

इस फिल्म का निर्देशन अमन मेहमी ने किया है साथ ही उन्होंने ही इसकी स्टोरी राइटिंग भी की है। बात करें इस फिल्म की कास्ट की, तो इसके अंतर्गत महाबीर भुल्लर, बलजिंदर कौर, सोनिया सिंह और मीनार मल्होत्रा जैसे अन्य कई कलाकार देखने को मिलते हैं।

तो चलिए जानते हैं हॉरर जॉनर की पिछली पंजाबी फिल्में, कुत्ते फेल और गुड़िया से Bhootan Wala Khooh कितनी बेहतर है और जानते है, क्या ये आपका समय डिजर्व करती भी है या फिर नहीं और करते हैं इस फिल्म का रिव्यू।

Bhootan Wala Khooh की कहानी

फिल्म की शुरुआत एक काफी रहस्यमई सीन से होती है जहां पर एक अजनबी राहगीर किरदार देर रात सड़क पर अपनी साइकिल से अकेले जाता हुआ दिखाई देता है। इसी दौरान उसे रोड की दूसरी साइड पर एक खूबसूरत लड़की दिखाई देती है, वह राहगीर उस लड़की की खूबसूरती में मस्त मगन होकर जंगल में उसके पीछे-पीछे चल देता है।

जहां पर एक खतरनाक कुआं दिखाया गया है और उसी में वह लड़की उस राहगीर की जान ले लेती है। फिल्म के इस सीन को देखकर हमें साफ पता चल जाता है कि यह वही भूतिया कुआं है, जिस पर इस फिल्म की कहानी आगे चलकर जुड़ने वाली है।

वहीं अगले ही सीन में हमें पंजाब के ‘भटिंडा’ शहर में रहने वाले “जस्सी” और “पम्मी’ की कहानी दिखाई जाती है, जिसमें जस्सी अपनी पत्नी बेटे और मां के साथ हंसी खुशी जीवन व्यतीत करता हुआ दिखाई देता है।

हालांकि जस्सी कि इस खुशी के पीछे गहरे राज जुड़े हुए हैं, जो कि उसकी बीती हुई जिंदगी, यानी अतीत से ताल्लुक रखते हैं। यहीं से इस फिल्म के मुख्य कहानी की शुरुआत होती है, जब जस्सी की मां अपने पोते को एक पुरानी कहानी सुनाना शुरू करती हैं। हालांकि इस कहानी के अंदर जो भी किरदारों के नाम हैं वह पम्मी और जस्सी ही हैं।

इस सीन को देखकर साफ पता चल जाता है कि यह, इन दोनों की ही बीती हुई सच्ची कहानी है, जो उनकी मां अपने पोते को सुना रही है।
जस्सी की मां कहानी की शुरुआत तब से करती हैं, जब जस्सी जवान हुआ करता था।

इस दौरान का एक इंसिडेंट दिखाया जाता है जिसमें, जस्सी के मोहल्ले में ही 2 पड़ोसी “रूप” और “नूर” आपस में भिड़ जाते हैं। क्योंकि रूप को नूर के दोस्तों का मोहल्ले में आना बिल्कुल भी पसंद नहीं था और इसी गहमा गहमी में खुद की ही शॉट गन से रूप का मर्डर हो जाता है।

इसी दौरान इन दोनों का बीच बचाओ करने के चक्कर में जस्सी को भी पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। हालांकि बाद में वह जमानत पर छूट जाता है, क्योंकि पुलिस इस बात को मान लेती है कि यह कोई मर्डर नहीं बल्कि एक्सीडेंट था।

पर अब जस्सी के रिश्तेदार उसे इस बात की सलाह देते हैं, कि उसकी नई नई शादी हुई है और उसे कुछ दिनों के लिए इस मोहल्ले से दूर अपने गाँव के ‘पिंड वाले पुराने घर में चले जाना चाहिए’। और जब यह मर्डर वाली बात पुरानी हो जाए तो वह फिर से वापस आ सकता है।

जस्सी का यह गांव का पुराना घर, कई दिनों से बंद पड़ा हुआ है। जैसे ही यह दोनों उस घर में जाते हैं तो उन्हें एक पागल औरत मिलती है, जो इन दोनों को उस घर में ना रहने की हिदायत देती है।

हालांकि बाद में पड़ोस का ही एक आदमी आता है और इन दोनों से बताता है, कि वह औरत उसकी पत्नी है और वह दिमागी रूप से बीमार है। इसके बाद जस्सी और पम्मी हंसी खुशी इस घर में रहने लगते हैं।

लेकिन यह नया-नया शादीशुदा कपल एक बात नहीं जानता था, कि उनके इस गांव के पुराने घर के साथ ही एक अभिशाप भी जुड़ा हुआ है जो कि घर के ठीक सामने मौजूद भूतिया कुआं है और इस कुएं की कहानी जस्सी के परिवार से कहीं ना कहीं जुड़ी हुई है।

यही वजह है कि जस्सी के बचपन में ही उसके दादाजी गांव के पुराने घर को छोड़ कर शहर चले गए थे। साथ ही साथ उनके पुश्तैनी घर के आसपास मौजूद सभी घर भी खाली हैं। फिल्म की कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है पम्मी के साथ बहुत सारी अजीबोगरीब घटनाएं घटना शुरू हो जाती हैं।

अब क्या क्या हैं वह अजीबोगरीब घटनाएं जिनसे पम्मी और जस्सी जूझ रहे हैं?
क्या इस गांव के भूतिया कुएं में मौजूद आत्मा की कहानी सच है?
या फिर गांव में ही मौजूद किसी इंसान के द्वारा बनाया गया धोखा?
इन सभी बड़े सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी फिल्म “Bhootan Wala Khooh”।

निर्देशन और टेक्निकल एस्पेक्ट

Bhootan Wala Khooh फिल्म को भले ही फिलहाल सिर्फ पंजाबी लैंग्वेज के साथ ही रिलीज किया गया है, लेकिन फिर भी या उसे तरह की पंजाबी भाषा नहीं है जिसे हिंदी दर्शक समझ ना सके।

मुझे लगता है यह पंजाबी इंडस्ट्री से निकली हुई पहली ऐसी फिल्म होगी जिसका बजट लो बिल्कुल भी फील नहीं होता। फिर चाहे वह हॉरर एलिमेंट्स हो या फिर फिल्म में मौजूद गाने, हर एक चीज ठीक-ठाक नॉर्मल क्वालिटी की दिखाई देती है।

क्योंकि ये एक हॉरर जॉनर वाली फिल्म है, जिस वजह से फिल्म में डार्क टोन का इस्तेमाल ज्यादा किया गया है, जो इस फिल्म को देखने का एक्सपीरियंस और भी बढ़ा देता है।

मूवी के कमजोर पक्ष

फिल्म की लंबाई तकरीबन एक घंटा 50 मिनट के भीतर है और मुझे लगता है इसे थोड़ा और भी कम किया जा सकता था, जो डेढ़ घंटे के अंदर होता।

इसकी अगली कमी है लिमिटेड स्टार कास्ट के साथ फिल्म को बनाया जाना। जी हां सही सुना आपने फिल्म में काफी कम किरदार देखने को मिलते हैं जिस वजह से कहानी से उस तरह का कनेक्शन नहीं बिल्डअप हो पाता, जिस लेवल का जुड़ाव किसी हॉरर फिल्म से होना चाहिए।

फिल्म की अच्छी बातें

फिल्म में भले ही काफी कम किरदार हों , पर फिर भी जितने भी लोग दिखाए गए हैं। उन सभी ने अपनी-अपने स्तर पर बढ़िया एक्टिंग की है खास का जस्सी की पड़ोसी और उस पागल औरत वाला रोल।

फिल्म में तकरीबन दो गाने देखने को मिलते हैं, जो हॉरर के साथ-साथ रोमांटिक भी फील कराते हैं, जैसे मानो सच में कोई नया-नया कपल शादी के बंधन में बंधा हो। इस फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि कोई भी गाना जबरदस्ती ठुसा हुआ नहीं फील होता है।

भूत वाला कुआं एक हॉरर जॉनर की फिल्म है, हालांकि फिर भी इसे हॉलीवुड फिल्म ‘कंजूरिंग’ या फिर ‘द ग्रज’ से बिल्कुल भी कंपेयर नहीं किया जा सकता। भले ही इस फिल्म का बजट ठीक-ठाक दिखाई देता हो, लेकिन इसे हॉलीवुड से कंपेयर करना इस फिल्म के साथ बेईमानी ही होगी।

मूवी का बैकग्राउंड म्यूजिक और सिनेमैटोग्राफी काफी बढ़िया है, खासकर में सभी सीन जिन्हें गांव में मौजूद उस भूतिया कुएं के आसपास शूट किया गया है।

निष्कर्ष

अगर आप पंजाबी फिल्मों के फैन हैं और इस वीकेंड ओटीटी पर कुछ नया खोज रहे हैं, तब आपके लिए ‘चौपाल टीवी’ पर रिलीज हुई फिल्म Bhootan Wala Khooh एक परफेक्ट फिल्म हो सकती है।

क्योंकि इसमें हॉरर के साथ-साथ नए शादी शुदा कपल की स्टोरी को भी दिखाया गया है। इसकी मुख्य सबसे अच्छी बात यह है कि इस फिल्म को फैमिली के साथ भी देखा जा सकता है।

रेटिंग: 3/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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