Amar Vishwas Web Series Review: क्या अमर विश्वास प्रोड्यूसर की हत्या का सच ढूंढ पाएगा जाने एमएक्स प्लेयर की अमर विश्वास वेब सीरीज में

Amir Khan
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IMAGE CREDIT: Amar Vishwa Trailer

“अमर विश्वास” यह एक नई हिंदी वेब सीरीज है, जो 11 फरवरी 2026 से प्राइम वीडियो और एमएक्स प्लेयर ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है। सीरीज में राजीव खंडेलवाल मुख्य भूमिका में एक वकील का किरदार निभाते नजर आएंगे। शो में उन्हें थोड़ा अजीब सा दिखाया गया है पर ये दिमाग से बहुत तेज और शातिर हैं।

राजीव हमेशा से गरीब, बेसहारा और मजलूमों की आवाज बनते हैं। यह शो ‘सुहास शिरवलकर’ के मराठी उपन्यासों पर आधारित है। यहां राजीव खंडेलवाल के साथ-साथ रवि बहल, आमिर अली, बरखा बिष्ट, अली हसन जैसे बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार भी दिखाई दे रहे हैं।

अमर विश्वास वेब सीरीज की कहानी

कहानी की शुरुआत में ही दिखाया गया है, कि बॉलीवुड का एक बड़ा प्रोड्यूसर ‘जेस्सू मोमिन’ (अली हसन) होटल रूम में मरा हुआ पाया जाता है। इस प्रोड्यूसर की हत्या का इल्ज़ाम बहार चक्रवर्ती पर लगता है। हर इंसान अब बहार चक्रवर्ती को इस अपराध का हिस्सा मानने लगा है।

Amar Vishwas Web Series poster still
IMAGE CREDIT: Amar Vishwas Trailer

लोग ट्रायल से पहले ही यह फैसला ले चुके हैं कि प्रोड्यूसर की हत्या ‘बहार चक्रवर्ती’ ने ही की है। अमर (राजीव खंडेलवाल) अब चक्रवर्ती के केस को अपने हाथ में लेता है और यह जानने की कोशिश करता है कि आखिर ये हत्या किसने की है।

कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे कई तरह की परतें खुलती जाती हैं। अमर अब अपने क्लाइंट को ही नहीं बचाता बल्कि उस सिस्टम से भी टकराता है जहां पावर और पैसे से सबूत बदल दिए जाते हैं।

बाद में अमर को इस केस को अपने हाथ में लेने की एक बड़ी कीमत भी चुकानी पड़ती है। शो को सिर्फ मर्डर मिस्ट्री ही नहीं कहा जा सकता बल्कि पावर का खेल, महिलाओं के साथ होने वाला अपराध, मीडिया का सच और एक लड़की की लड़ाई को भी दिखाया गया है।

क्यों देखना चाहिए अमर विश्वास वेब सीरीज को?

ये राजीव खंडेलवाल का एक कोर्ट रूम ड्रामा है। इससे पहले भी जियोहॉटस्टार पर राजीव खंडेलवाल की ‘द सीक्रेट ऑफ शिलेदार’ वेब सीरीज को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया था। शो में कुल 10 एपिसोड हैं और इन सभी एपिसोड की लंबाई की बात करें तो ये 25 से 30 मिनट के बीच के हैं।

पहला एपिसोड 37 और अंतिम एपिसोड 39 मिनट का है। इस सीरीज को देखने के लिए आपको अपनी जिंदगी के लगभग 5 घंटे देने होंगे। शो की शुरुआत में तो ऐसा लगता है कि यह एक मर्डर मिस्ट्री को लेकर आगे बढ़ेगी पर बाद में सीरीज कोर्ट रूम ड्रामा जैसी दिखने लगती है।

मुझे तो लगता है कि अगर शो के कुछ एपिसोड कम भी कर दिए जाते तब भी इसकी कहानी पर कोई फर्क पड़ने वाला नहीं था क्योंकि इसे देखते समय ऐसा लगता है कि कहानी को काफी खींचा गया है।

राजीव खंडेलवाल द्वारा, प्रोड्यूसर के मर्डर को अच्छे से सॉल्व करते दिखाया गया है जो हमें सोचने पर मजबूर कर सकता है कि ऐसा भी कुछ होगा।

शो के सभी एपिसोड एमएक्स प्लेयर पर एकदम फ्री में उपलब्ध कराए गए हैं। और अगर मैं अपनी बात करूं कि मुझे यह सीरीज कैसी लगी तो यह डीसेंट है, एक बार देखने लायक है क्योंकि मुझे कोर्ट ड्रामा देखने का शौक है।

शायद जिन लोगों को कोर्ट ड्रामा देखना पसंद नहीं उन्हें यह सीरीज उतनी पसंद न आए। शो की प्रोडक्शन क्वालिटी बहुत ही वीक है जिसे देखते समय ऐसा लगता है कि कोई टीवी सीरियल देख रहे हों। यहां ऐसा कुछ भी नहीं है जो नया एक्सपीरियंस दे।

इस तरह की कहानी पहले भी बहुत सारी फिल्मों और वेब सीरीज में देखी जा चुकी है। मेरी तरफ से इस सीरीज को पांच में से ढाई स्टार की रेटिंग दी जाती है। इसे परिवार के साथ न देखें क्योंकि यहां कई तरह के आपत्तिजनक सीन डाले गए हैं।

 

 

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