ZORR Movie Review 2026: ‘ज़ोर’ एनर्जी ड्रिंक से जॉम्बी अपोकैलिप्स, जॉम्बी हॉरर कॉमेडी की पूरी कहानी और रेटिंग

ZORR Movie Review: एनर्जी ड्रिंक से जॉम्बी अपोकैलिप्स! गौरव दत्त की डायरेक्टिंग, ऋषभ चड्ढा की बेस्ट एक्टिंग। कमियां और प्लस पॉइंट्स के साथ 3 स्टार रेटिंग। जानिए पूरी कहानी।

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February 11, 2026 11:16 AM (IST)
ZORR Movie Review in hindi

6 फरवरी 2025 के दिन सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ज़ोर (ZORR), जोकि जोंबी वाले कॉन्सेप्ट के साथ फिल्म की कहानी को पेश करती है। मूवी के मुख्य किरदारों में ऋषभ चड्ढा, आकाश मखीजा, जय सेन गुप्ता, सोनम अरोड़ा, प्रतिक दास और काव्या कश्यप जैसे अन्य कई कलाकार देखने को मिलते हैं।

फिल्म की कहानी हॉरर जोंबी और कॉमेडी ड्रामा एक्टिविटीज पर आधारित है, वहीँ इस फिल्म की टोटल लंबाई की बात करें तो या 2 घंटा 8 मिनट की है।
फिल्म का निर्देशन ‘गौरब दत्त’ ने किया है, जो इससे पहले साल 2021 में आई ‘द डार्लिंग वाइफ’ और ZEE5 की सीरीज ‘लाल बाजार’ की एडिटिंग भी कर चुके हैं। तो चलिए जानते हैं क्या है फिल्म ज़ोर की कहानी और करते हैं इसका रिव्यू।

ज़ोर (ZORR) फिल्म की कहानी

फिल्म का नाम असल में इसकी कहानी में दिखाई गई एक एनर्जी ड्रिंक के नाम पर रखा गया है। इस एनर्जी ड्रिंक के प्रोमो धड़ल्ले से टीवी पर चलाए जा रहे हैं, और जल्द ही जोर नाम किया एनर्जी ड्रिंक लांच होने वाली है, लेकिन लॉन्च से पहले ही इसके लैब टेस्ट के दौरान यह पता चलता है कि इस एनर्जी ड्रिंक के अंदर कुछ ऐसे बैक्टीरिया मौजूद हैं जो बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं हैं।

ZORR Hindi Movie 2026
IMAGE CREDIT: ZORR TRAILER

जैसे ही इस बात का पता लैब में मौजूद एम्पलाइज को चलता है वह तुरंत मलिक के पास जाते हैं, लेकिन मालिक जो बहुत सारा पैसा इस जोर नाम की एनर्जी ड्रिंक को बनाने में इन्वेस्ट कर चुका है, वह इस बैक्टीरिया वाली बात को सीरियस नहीं लेता और कहता है कि सब कुछ नॉर्मल है।

अब सवाल यह है कि एनर्जी ड्रिंक में मिला हुआ या खतरनाक केमिकल जो की खतरनाक बैक्टीरिया को जन्म दे रहा है, क्या यह महज़ एक इत्तेफाक है या फिर इस केमिकल को जानबूझकर मिलाया गया है।

हालाँकि इतना सब होने के बावजूद भी ज़ोर नाम की इस एनर्जी ड्रिंक को धड़ल्ले से लांच कर दिया जाता है, हालांकि मैं आपको बता दूं जोर फिल्म की कहानी मुख्य रूप से दिल्ली शहर में बुनी गई है। जहां पर गुड्डू (आकाश मखीजा) और जीतू (ऋषभ चड्ढा) नाम के दो लंगोटिया दोस्त रहते हैं।

यह दोनों आने वाले मंडे को ऑफिस में होने वाले हॉकी मैच को लेकर काफी चिंतित हैं, क्योंकि इस बार के स्पेशल ऑफिस हॉकी मैच में इन दोनों के नाम नहीं हैं यानी इन्हे टीम में नहीं लिया गया है।

जहां एक तरफ जीतू है जो कि ऑफिस में मौजूद लड़कियों को लाइन मारता है, वहीं दूसरी तरफ उसका दोस्त ‘गुड्डू उर्फ गणेश’ अपनी गर्लफ्रेंड सरस्वती (प्रांतिक दास) के लिए काफी लॉयल है।

जीतू और गुड्डू जिस ऑफिस में काम करते हैं यानी की Applause, यहां का बॉस (जॉय सेनगुप्ता) काफी खड़ूस है। इसी बीच ऑफिस में एक इंसिडेंट होता है, जब ‘दिशा’ नाम की एक नई एम्पलाई ऑफिस ज्वाइन करती है, जिसे काम सिखाने का जिम्मा जीतू लेता है, हालांकि बाद में बॉस द्वारा ऑफिस में उसकी काफी बेज्जती करी जाती है और कहा जाता है जिसे खुद काम नहीं आता वह दूसरों को सिखाएगा।

और यहीं से कहानी एक नया मोड़ लेती है क्योंकि दिशा नाम की उस नई ऑफिस इंटर्न को काम सीखने की जिम्मेदारी जीतू के बजाय उसके दोस्त गुड्डू को दे दी जाती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है एक रात गुड्डू और जीतू दोनों मिलकर ऑफिस में देर रात ड्यूटी करने के बाद सारी रात धमाकेदार पार्टी करते हैं।

पर जब उन दोनों की आंख सुबह खुलती है, तो अपने सामने ऑफिस के रिसेप्शनिस्ट को जोंबी के रूप में बदला हुआ पाते हैं। अब क्या ये जोंबी वाली बीमारी पूरे ऑफिस में फैल गई है या फिर पूरे दिल्ली शहर में? क्या यह सब उसी जोर नाम की एनर्जी ड्रिंक का असर है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी ज़ोर (ZORR) फिल्म।

कैसा है गौरब दत्त का निर्देशन

गौरव दत्त, जो कि इससे पहले कुछ फिल्मों और सीरीज की एडिटिंग कर चुके हैं, जिसे देखकर यक़ीनन यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि बतौर निर्देशक ज़ोर फिल्म उनका पहला प्रोजेक्ट है।

ZORR Movie 2026
IMAGE CREDIT: ZORR TRAILER

हालांकि फिर भी ज़ोर (ZORR) को देखने के बाद मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं महसूस हुआ, की इस फिल्म का निर्देशन कोई नौसिखिया डायरेक्टर कर रहा है, क्योंकि फिल्म में दिखाई गई अधिकतम चीज़ें ठीक-ठाक है।
हां बहुत सारे सीन्स में फिल्म लो बजट फील होती है लेकिन यह निर्देशन की गलती नहीं बल्कि प्रोडक्शन की प्रॉब्लम है।

फिल्म की अच्छाइयां

जिस तरह से मूवी में ऑफिस के माहौल को रचा गया है वह काफी असली फील देता है। जैसे जीतू और गुड्डू का ऑफिस के टॉयलेट में जाकर सिगरेट पीना, बॉस की बुराई करना और ऑफिस की लड़कियों पर लाइन मारना जैसी चीजें। क्योंकि यह सभी चीजें हमारे रियल वर्ल्ड में भी एक्जिस्ट करती हैं।

मूवी का बजट काफी कम होने की वजह से बहुत सारे सीन हल्के जरुर महसूस होते हैं, लेकिन फिर भी कम बजट के साथ इस तरह की जोंबी फिल्म को बनाना काबिले तारीफ है। क्योंकि जोर फिल्म से पहले मैंने जोंबी फिल्मों में बॉलीवुड की ओर से, साल 2013 में आई फिल्म ‘गो गोवा गौन’ देखी थी, जिसमें इसी तरह का जोंबी कॉन्सेप्ट दिखाया गया था।

और गो गोवा गौन फिल्म का बजट नॉर्मल होने के बावजूद भी काफी कम लग रहा था, जिससे एक बात साफ हो जाती है कि इस तरह की जोंबी कॉन्सेप्ट पर फिल्में बनाने में काफी ज्यादा पैसा खर्च होता है, जिसे सिर्फ हॉलीवुड ही टक्कर दे सकता है, तो इसी वजह से जोर जैसी फिल्म से ज़्यादा शिकायत करना गलत होगा।

ऋषभ चड्ढा की एक्टिंग कैसी है?

ऋषभ चड्ढा जोकि अपने एक्टिंग के सफर में बहुत सारे वेब सीरीज में काम कर चुके हैं जिनमें ‘स्वाइप क्राइम’ और ‘डाइवोर्स के लिए कुछ भी करेगा’ शामिल हैं। इसके साथ-साथ ऋषभ ने साल 2015 में आई फिल्म दृश्यम में भी अजय देवगन के साथ काम किया था। और मैं अगर पूरी ईमानदारी से बोलूं तो ऋषभ चड्ढा का काम जोर फिल्म में काफी अच्छा है।

फिल्म की कमियां

ज़ोर (ZORR) फिल्म की सबसे बड़ी कमी, जैसा कि मैंने पहले ही बताया इसका लो बजट है, क्योंकि यह बहुत सारे दृश्यों में साफ़ दिखाई देता है।
इसकी अगली कमी फिल्म की लंबाई है जिसे एडिटिंग के दौरान काट छाट कर छोटा किया जा सकता था और बहुत सारे सीन्स को हटाया जा सकता था।

“जैसे की मूवी में एक किरदार डाला गया है, जो गुड्डू और जीतू के साथ ही काम करता है वह शक्ल से काफी सावला और बॉडी से काफी सुडौल है, जिस वजह से जीतू हमेशा उसका मजाक उड़ाता रहता है, और यकीन माने इस बीच के जितने भी सीन है वह देखने में काफी क्रिंज यानी खराब लगते हैं”, जिन्हें एडिट करके हटाया जा सकता था।

निष्कर्ष: फिल्म देखे या फिर नहीं

अगर आपको जोंबी फिल्में देखना अच्छा लगता है और आप सर्वाइवल वाली फिल्में देखने में रुचि रखते हैं, तब ज़ोर (ZORR) मूवी को आप बेझिझक देख सकते हैं। हां आपको फिल्म ‘ट्रेन ऑफ़ बुसान’ और ‘वर्ल्ड वॉर Z’, जैसा प्रेजेंटेशन तो देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन फिर भी जितना भी इसमें दिखाया गया है उससे काम चलाया जा सकता है। यही वजह है कि मैं कहूंगा की इस फिल्म को एक बार जरूर देखा जा सकता है।

रेटिंग: 3/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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