27 फरवरी 2026 को ‘वेव्स ओटीटी’ प्लेटफॉर्म पर एक वेब सीरीज रिलीज हुई है जिसका नाम है “वीरप्पन द बैंडिट किंग” इसे कन्नड़, तमिल और हिंदी में भी डब किया गया है। सीरीज के अंदर टोटल 6 एपिसोड हैं और आगे भी इसके दो सीजन और लाने की प्लानिंग की गई है।
फिल्म का निर्देशन किया है AMR Ramesh ने। किशोर यहाँ वीरप्पन के कैरेक्टर में देखने को मिलेंगे। फिल्म वीरप्पन के जीवन को दर्शाएगी। इससे पहले भी नेटफ्लिक्स पर एक डॉक्यूमेंट्री सीरीज द हंट फॉर वीरप्पन और जी5 पर भी एक सीरीज आ चुकी है।
तो यह समझ लीजिए कि यह कोई नया सब्जेक्ट नहीं है बल्कि इस पर पहले भी कई वेब सीरीज बनाई जा चुकी हैं। वेव ओटीटी प्लेटफॉर्म एकदम फ्री है यहाँ किसी भी तरह का अभी सब्सक्रिप्शन प्लान नहीं है।
प्लेटफॉर्म पर कुछ प्रीमियम कंटेंट है जैसे कि रेंटल बेस या हाई क्वालिटी सब्सक्रिप्शन प्लान, बेसिक कंटेंट को ज्यादातर बिना सब्सक्रिप्शन के ही देखा जा सकता है।
फिल्म का बेसिक प्लॉट
यह कहानी जंगलों के बादशाह कहे जाने वाले वीरप्पन की देखने को मिलती है जिसकी जिंदगी खतरनाक आपराधिक गतिविधियों, बदला लेने की आग और मौत की चिताओं पर जलते हुए गुस्से से भरी हुई है। फिल्म की शुरुआत 1950 के दशक से की जाती है।
कर्नाटक-तमिलनाडु की सीमा बॉर्डर पर छोटे से गांव गोपीनाथम में जन्मे थे वीरप्पन। बड़ा होता हुआ वह अपने ही परिवार के कुछ लोगों के साथ चंदन की तस्करी के काम से जुड़ गया।
एक छोटी तस्करी से शुरुआत करने वाले वीरप्पन का जीवन अपराध के दलदल में फंसता चला गया। जैसे-जैसे वीरप्पन आगे बढ़ा वह खुद को पहले से ज्यादा ताकतवर बनाता रहा।
जो भी इसके रास्ते में आते थे वह उन सभी को मौत के घाट उतार देता था, फिर चाहे पुलिस वाले हों या फॉरेस्ट गार्ड्स, वह किसी को भी नहीं छोड़ता।
वीरप्पन को रॉबिन हुड के नाम से भी पुकारा जाने लगा वह गरीबों का मसीहा बन गया। इस सीरीज का मुख्य फोकस रहा है वीरप्पन की जिंदगी को दिखाने का।
यहाँ 1990 का दशक भी दिखाया गया है जब कर्नाटक पुलिस को वीरप्पन को पकड़ने की जिम्मेदारी दी जाती है। यह सच्ची घटना पर आधारित सीरीज़ है, जो ट्विस्ट और टर्न के साथ थ्रिल पैदा करती है।
वेब सीरीज के पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट
अगर आपने इससे पहले वीरप्पन पर बनी हुई वेब सीरीज या फिल्में नहीं देखी हैं, तो यह शो आपको जरूर देखना चाहिए। फॉरेस्ट ऑफिसर ने हमेशा वीरप्पन को पकड़ने की कोशिश की पर वीरप्पन हमेशा उस ऑफिसर से दो कदम आगे चलने में माहिर था।
यही वजह रही कि वह फॉरेस्ट ऑफिसर के हाथ नहीं लग रहा। अब कौन सी ट्रिक से वह फॉरेस्ट ऑफिसर वीरप्पन को पकड़ता है, ऐसा ही कुछ इस वेब सीरीज के अंदर देखने को मिलता है।
पिछले वीरप्पन पर बनी वेब सीरीजों से अगर इसकी तुलना की जाए तो यहाँ हर चीज बहुत बारीकी से दिखाई गई है। टेक्निकल पॉइंट की अगर बात की जाए तो यह अपने वीएफएक्स में खरी उतरती हुई बिलकुल भी दिखाई नहीं देती।
जंगल के सीन अगर आप अपनी फिल्म में दिखा रहे हैं तो सिनेमैटोग्राफी पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए था जो कि देखने में अच्छा लगे। अगर थोड़े बहुत बढ़िया वीएफएक्स का इस्तेमाल कर दिया जाता तो और मजा आ जाता, पर यहाँ पर हो सकता है बजट कम होने के कारण मेकर्स ऐसा न कर सके हों।
हालाँकि अभी इसके दो और सीजन आना बाकी हैं, जहाँ आपको वीरप्पन से जुड़ी हुई और भी बातें जानने को मिलेंगी। जो भी दर्शक इस तरह के शो के फैन हैं या वीरप्पन की जिंदगी के बारे में जानने में रुचि रखते हैं वे इसे एक बार देख सकते हैं।
रेटिंग: 3/5
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