इस शुक्रवार 27 फरवरी 26 को जियोहॉटस्टार पर मलयालम वेब सीरीज “सीक्रेट स्टोरीज़: रोस्लिन” (Secret Stories: Roslin) स्ट्रीम हुई है। तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बेंगली, मराठी के साथ आप इसे हिंदी भाषा में भी देख सकते हैं।
वेब सीरीज की कहानी रोसलिन नाम की एक लड़की पर आधारित है जिसे रात में डरावने सपने आते हैं। यह साइकोलॉजिकल थ्रिलर सीरीज है।
इस सीरीज में टोटल 6 एपिसोड देखने को मिलेंगे, इनकी लंबाई 25 से 36 मिनट के बीच की है। जिन दर्शकों को भ्रम, असुर, रुद्र जैसी सीरीज पसंद आई हैं, तो हो सकता है यह भी उन्हें पसंद आए।
क्या है वेब सीरीज का बेसिक प्लॉट
क्या कहानी 17 साल की लड़की रोसलिन की दिखाई गई है, जिसे रात में अजीबोगरीब सपने आते हैं। सपने में इसे एक ऐसा इंसान दिखाई देता है, जो कि इसे मारने की कोशिश कर रहा है। रोसलिन जब यह बात अपने परिवार को बताती है तो उन्हें लगता है कि यह ज्यादा स्ट्रेस की वजह से हो रहा है।
कुछ समय के बाद इसके पिता इसे एक साइकोलॉजिस्ट के पास भेजते हैं। रोसलिन का मानसिक तनाव, नींद में कमी बढ़ती जा रही है। उसे ऐसा भी लगता है कि रियल में वह सपने वाला इंसान इसका पीछा कर रहा है। कुछ समय के बाद उनके घर एक पायलट पेइंग गेस्ट बनकर आता है।
रोसलिन के पिता को वह बहुत पसंद है पर इसे ऐसा लगता है, कि वह सपनों वाला इंसान वही पायलट है जो उसके घर पर रह रहा है। अब वह इसकी जांच में जुट जाती है कि आखिर यह पायलट है तो है कौन।
अब यह तो वेब सीरीज ‘सीक्रेट स्टोरीज़: रोस्लिन’ देखकर ही पता लगाना होगा, कि यह एक मानसिक साइकोलॉजिकल डिस्ट्रेस है या फिर रोसलिन की बातों में सच्चाई है। क्लाइमेक्स में खतरनाक खुलासा होता है जो होश उड़ा देता है।
पॉजिटिव और निगेटिव पॉइंट
मुझे ऐसा लगता है कि इस सीरीज़ को एक बार देखा जा सकता है, क्योंकि जिस तरह से इसके क्लाइमेक्स को यहाँ पेश किया गया है वह पूरी तरह से दिमाग को हिला देने वाला है। सीरीज़ का लास्ट एपिसोड बिल्कुल भी प्रिडिक्टेबल नहीं था। यहाँ पर जो भी दिखाया गया है उसका दर्शकों को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता।
पर इसके विपरीत एक निराशाजनक बात यह है कि इसे सिर्फ तीन एपिसोड में ही निपटा देना चाहिए था, जरूरत नहीं थी 6 एपिसोड की। इसकी कहानी बेहद स्लो है, एक समय पर हमें बोरिंग फील देने लगती है। जहाँ पहला एपिसोड कहानी के कैरेक्टर को डेवलप करने में निकल जाता है वहीं दूसरे एपिसोड में हमें ऐसा कुछ देखने को मिलता है जो डरावना था।
पर आगे के एपिसोड में ऐसा कुछ भी नहीं है जो हमें इस वेब सीरीज से बाँध कर रखे। रोसलिन की एक्टिंग भी बहुत प्रभावित नहीं है। मुझे ऐसा लगता है कि इस वेब सीरीज को ना बनाते हुए अगर डेढ़ से दो घंटे की फिल्म बनाई जाती तो ज्यादा अच्छा रहता। इस सीरीज को देख कर ऐसा लगता है कि मेकर्स ने इसके कैरेक्टर पर बहुत ज्यादा काम नहीं किया है।
निष्कर्ष
यहाँ रहस्य और सस्पेंस को एक साथ मिलाकर दिखाया गया है। क्लाइमेक्स काफी शानदार है जो कि होश उड़ा देने वाला है। इस तरह के क्लाइमेक्स मलयालम फिल्मों और सीरीज में पहले भी देखने को मिल चुके हैं।
जिनको इस तरह की साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्में देखना पसंद है उनके लिए ‘सीक्रेट स्टोरीज़: रोस्लिन’ वेब सीरीज़ एक परफेक्ट वॉच बनती है। इसकी हिंदी डबिंग ठीक-ठाक की गई है। देते हैं पांच में से ढाई स्टार की रेटिंग।
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