4 फरवरी 2026 के दिन ‘नेटफ्लिक्स’ के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म, जिसका नाम ‘The Investigation of Lucy Letby‘ (द इन्वेस्टिगेशन ऑफ लूसी लेटबी) है। इसकी टोटल लंबाई 1 घंटा 35 मिनट है। फिल्म का डायरेक्शन ‘डोमिनिक सिवयर’ ने किया है, जो इससे पहले साल 2024 में आई ‘Rebel Nun’ और 2022 में आई ‘The Masked Scammer’ जैसी फिल्मों का निर्देशन भी कर चुके हैं।
द इन्वेस्टिगेशन ऑफ लूसी लेटबी के जॉनर की बात करें, तो यह क्राइम डॉक्यूमेंट्री और ट्रू-क्राइम की श्रेणी में आती है। चलिए जानते हैं लूसी लेटबी (Lucy Letby) नाम की इस नर्स की कहानी दर्शकों को प्रभावित करने में कारगर हो सकती है या नहीं? और करते हैं इस डॉक्यूमेंट्री का रिव्यू।
द इन्वेस्टिगेशन ऑफ लूसी लेटबी की स्टोरी
एक सच्ची घटना पर आधारित नेटफ्लिक्स की यह डॉक्यूमेंट्री शुरू होती है एक नॉर्मल सुबह से, हालांकि लूसी के लिए यह मॉर्निंग गुड नहीं बल्कि बैड होने वाली थी, क्योंकि लूसी के घर पर UK पुलिस ने धावा बोला है। चेशायर पुलिस (Cheshire Police) की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए आयी है।

हालांकि इसी बीच लूसी के घर पर उसके माता-पिता भी मौजूद हैं जो बेटी के लिए आंसू बहा रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है कि जल्द ही उनकी बेटी को पुलिस अपनी कस्टडी में लेने वाली है। इस सीन से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस पूरे मामले के बारे में लूसी के माता-पिता को पहले से ही भनक लग चुकी थी कि आगे उनकी बेटी के साथ क्या होने वाला है।
जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है पुलिस अधिकारी लूसी को बताते हैं, कि उसे 7 नवजात बच्चों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है। यह सब सुनकर लूसी चौंक जाती है क्योंकि वह अभी नींद में ठीक से उठ भी नहीं पाई है। तभी ऑफिसर उसे तुरंत बोलते हैं कि अपना नाइट ड्रेस बदलकर वह पुलिस के साथ चलने के लिए तैयार हो जाए।
लेकिन पुलिस के साथ जाने से पहले वह अपनी बिल्ली को हग करती है और इस सीन से साफ अंदाजा लगता है कि लूसी को बिल्लियों से काफी लगाव है।
यह समझ पाना काफी मुश्किल है कि एक नॉर्मल सी नर्स जो अस्पताल में काम करती है, वह किस तरह से 7 नवजात बच्चों को जान से मार सकती है।
हालांकि कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ती है एक मुख्य बात पता चलती है, कि लूसी द्वारा एक नोट (लेटर) भी लिखा गया था जिसमें उसने खुद को (मैं शैतान हूं, मैंने यह किया) जैसा कुछ लिखा था।
इसी बीच डॉक्यूमेंट्री में मीडिया का घिनौना चेहरा भी दिखाया गया है जहां लूसी पर आरोप लगे हैं 7 नवजात बच्चों को जान से मारने के, वहीं मीडिया पर इस गिनती को अलग अलग तरीके से दिखाया जा रहा है।
शुरुआती जांच में पुलिस द्वारा कुछ मुख्य सवाल लूसी से पूछे जाते हैं, जैसे नवजात बच्चों को दूध किस तरह पिलाया जाता है?। हालाँकि यहां तक तो ठीक था लेकिन जैसे ही उसे मरे हुए बच्चों के बारे में पूछा गया उसने तुरंत ही अपने मुंह पर ताला लगा लिया।
इसमें मुख्य रूप से ‘बेबी Z’ नाम की नवजात बच्ची को लेकर कई सवाल पूछे जाते हैं, जो एक मां ‘Sarah’ की बेटी थी। और इस मामले की पड़ताल इसी बच्ची की मौत से शुरू हुई थी।
इसी बीच इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म में कई असली डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स के इंटरव्यू भी लिए गए हैं जिनमें से एक ‘डॉ.जॉन गिब्स’ रिटायर्ड कंसल्टेंट पैडियाट्रिशियन भी शामिल है।
अब एक बड़ा सवाल है कि क्या लूसी सच में एक कातिल और हत्यारी है या फिर उसे शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है और इन सब नवजात बच्चों की मौत के पीछे असली कारण कोई और ही है? इन सभी सवालों को जानने के लिए आपको देखनी होगी नेटफ्लिक्स की यह डॉक्यूमेंट्री जो हिंदी में उपलब्ध है।
नेगेटिव पॉइंट्स
जैसा कि द इन्वेस्टिगेशन ऑफ लूसी लेटबी एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म है, जिस वजह से इसमें बहुत सारी चीजों को डीप एनालिसिस करके दिखाया गया है। हालांकि फिर भी कुछ जगहों पर इसकी स्टोरी काफी सुस्त पड़ जाती है, जैसे कि वह सभी सीन जहां बार बार मीडिया कवरेज को दिखाया जाता है।
पॉजिटिव पॉइंट्स
इस डॉक्यूमेंट्री के अच्छे पहलुओं की बात करें तो जिस तरह से इसकी स्टोरी को एग्जीक्यूट किया गया है वह काफी सरल है। पूरा मामला आईने की तरह साफ दिखाई देता है और कहानी की सभी परतें एक एक करके सामने आती हैं जिससे यह अन्य कई डॉक्यूमेंट्री से काफी कम उलझी हुई लगती है।
निष्कर्ष: किस तरह के दर्शकों के लिए रिकमेंड
नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री ‘द इन्वेस्टिगेशन ऑफ लूसी लेटबी’, मुख्य रूप से उन दर्शकों के लिए सूटेबल है जिन्हें सच्ची घटनाओं पर बनी क्राइम मिस्ट्री वाली डॉक्यूमेंट्री देखना पसंद है। क्योंकि इसकी लंबाई केवल 1 घंटा 35 मिनट है, जिस वजह से इसे देखने में दर्शकों को कम समय लगता है, और यही इसकी खूबसूरती है।
रेटिंग: 3.5/5
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