12 मार्च 2026 के दिन नेटफ्लिक्स लेकर आया है अपनी एक नई तमिल फिल्म जिसका नाम है “मेड इन कोरिया” (Made in Korea)। हालांकि मैं आपको बता दूं भले ही इस फिल्म का नाम मेड इन कोरिया हो पर इसमें नजर आने वाले कलाकार इंडियन और कोरियन मिक्स हैं।
इसके मुख्य कलाकारों की बात करें तो इनमें प्रियंका अरुल मोहन, पार्क ह्ये-जिन (Park Hye-Jin), नो हो-जिन (No Ho-jin), जेह्यून जांग (Jaehyun Jang), ऋषिकांत (Rishikanth), हा राम (Ha Ram), सोरी किम (Sori Kim), और सी-हून बेक (Si-hun Baek) दिखाई देते हैं।
फिल्म ‘मेड इन कोरिया’ का निर्देशन रा.कार्तिक (Ra. Karthik) ने किया है, तो वहीं इस फिल्म की टोटल लंबाई तकरीबन 111 मिनट (1 घंटा 51 मिनट) की है। बात करें फिल्म के जॉनर की तो यह रोमांस ड्रामा वाली कैटिगरी के अंतर्गत आता है।
फिल्म का निर्माण Rise East Entertainment बैनर तले प्रोड्यूसर श्रीनिधि सागर ने किया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी प्रसन्ना एस. कुमार ने संभाली है, एडिटिंग एंथनी ने की है, और बैकग्राउंड म्यूजिक धरण कुमार और हेशम अब्दुल वहाब ने कंपोज किया है।
मेड इन कोरिया फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की शेनबागम उर्फ सेनवा को फॉलो करती हुई दिखाई देती है, जो कि भारत में मौजूद तमिलनाडु राज्य के एक छोटे से कस्बे में रहती है। सेनवा का बचपन से ही सपना था कि वह कोरिया जैसे देश में घूमने के लिए जाएगी और वहां जाकर यादगार यादें बनाएगी।
लेकिन सेनवा का सपना तब पूरा होता है जब उसके बॉयफ्रेंड मनी (Mani) द्वारा उसे धोखा मिलता है और अपने इसी धोखे की यादों को मिटाने के लिए वह कोरिया घूमने के लिए जाती है।
हालांकि सेनवा को यह नहीं पता था कि वह दक्षिण कोरिया में जाने के बाद वहीं की होकर रह जाएगी। क्योंकि जैसे जैसे वह उस देश को एक्सप्लोर करती है उसके नए दोस्त बनते हैं।
साथ ही कोरिया में ही उसकी मुलाकात एक दादी मां से होती है, जिनका किरदार मशहूर कोरियन अभिनेत्री पार्क ह्ये-जिन (Park Hye-Jin) ने निभाया है, जो कि Squid Game जैसी हिट सीरीज में भी नजर आ चुकी हैं।
हालांकि आगे चलकर सेनवा और दादी मां मिलकर एक रेस्टोरेंट की शुरुआत करते हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं इस रेस्टोरेंट की शुरुआत करने के सफर में सेनवा को बहुत सारी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है और यह मुश्किलें कई बार आपको हंसाती भी हैं, तो कई बार रुलाती भी हैं।
मेड इन कोरिया फिल्म की एक खास बात यह भी है, कि इसमें तमिल और कोरियाई संस्कृति के बीच के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी खूबसूरती से दर्शाया गया है।
फिल्म की बड़ी कमियां
मेड इन कोरिया फिल्म की सबसे बड़ी कमी जो मुझे महसूस हुई, वह है इसकी स्टोरी राइटिंग। जी हां जिस तरह से फिल्म की स्टोरी को लिखा गया है वह काफी शार्प तो है, लेकिन जैसे-जैसे आप इस फिल्म को देखते जाते हैं, वैसे वैसे आपको ऐसा महसूस होने लगता है जैसे की कहानी में बहुत सारे लूपहोल हैं।
स्टोरी में जिस तरह से दादी मां के किरदार को दिखाया गया है, वह कई बार रिलेटेबल तो लगता है, लेकिन थोड़ा अजीब भी था। क्योंकि इस तरह के बूढ़े इंसान के द्वारा बोले गए डायलॉग कई सारी जगह पर फिट नहीं बैठते।
वैसे तो इस फिल्म को हिंदी भाषा के साथ भी डब किया गया है, लेकिन मूवी में मौजूद जितने भी कोरियन किरदारों को दिखाया गया है। फिर जब भी वे अपने डायलॉग बोलते हैं, तो वह सारे डायलॉग हिंदी में नहीं सुनाई देते। इसीलिए मुझे लगता है यह इसकी एक बड़ी कमी है।
इसके अलावा फिल्म की रफ्तार यानी पेसिंग भी कई जगहों पर धीमी महसूस होती है, खासतौर पर सेकंड हाफ में, जहां कहानी को थोड़ा और फास्ट किया जा सकता था।
फिल्म की अच्छी बातें:
मूवी में जिस तरह से सेनवा के किरदार को दिखाया गया है, जो एक सशक्त नारी होने के साथ-साथ मजबूत व्यक्तित्व वाली लड़की भी नजर आती है। यह सब स्क्रीन पर देखने में काफी बढ़िया लगता है।
लीड एक्ट्रेस प्रियंका अरुल मोहन, जो कि डॉक्टर, डॉन और एथरक्कुम थुनिंधवन जैसी फिल्मों से मशहूर हो चुकी हैं, उन्होंने सेनवा के किरदार में जान फूंक दी है और उनकी एक्टिंग इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।
क्योंकि फिल्म का नाम ही मेड इन कोरिया है, जिस वजह से इसकी अधिकतर शूटिंग को कोरिया में ही किया गया है। यही वजह है कि फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक का बढ़िया तालमेल स्क्रीन पर जादू बिखेर देता है। यहां हर एक दृश्य आंखों को ठंडक और दिल को सुकून पहुंचाने वाला है।
फिल्म का म्यूजिक, जिसे ‘धरण कुमार’ और मलयाली सिनेमा के दिग्गज ‘हेशम अब्दुल वहाब’ ने मिलकर तैयार किया है, फिल्म के इमोशनल मोमेंट्स को और भी असरदार बना देता है। खासतौर पर जब सेनवा सियोल की गलियों में अकेलेपन से जूझ रही होती है, तब बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों को सीधे उस किरदार से जोड़ देता है।
कैसा है डायरेक्शन?
फिल्म मेड इन कोरिया का डायरेक्शन रा.कार्तिक (Ra. Karthik) ने किया है, जो इससे पहले “निधम ओरु वानम” जैसी भावनात्मक और ट्रैवल-बेस्ड फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। “निधम ओरु वानम” में उन्होंने अशोक सेल्वन, रितु वर्मा और नेशनल अवॉर्ड विनर ‘अपर्णा बालमुरली’ जैसे कलाकारों के साथ काम किया था और उस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा था।
बात करें मेड इन कोरिया फिल्म में उनके निर्देशन की तो इस बार भी उन्होंने स्क्रीन पर हमेशा की तरह ही जादू बिखेर डाला है। जहां एक तरफ डायरेक्टर सेनवा के किरदार को मजबूती से दिखाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर उसके अंदर छुपे हुए जज्बातों को भी स्क्रीन पर अच्छे से प्रेजेंट करते हैं।
और मेरा मानना है कि यही एक अच्छे डायरेक्टर की पहचान है। रा. कार्तिक की खासियत यह है कि वे ट्रैवल और इमोशन को बखूबी एक साथ पेश करना जानते हैं और मेड इन कोरिया में भी यह बात साफ नजर आती है।
निष्कर्ष: देखें या छोड़ें?
अगर आप इस वीकेंड कुछ हल्का-फुल्का देखना चाह रहे हैं, जो की सस्पेंस थ्रिलर और मर्डर मिस्ट्री से हटकर हो, जहां सिंपल स्टोरी देखने को मिले जो जज्बातों से भरी हुई हो।
तब आपके लिए मेड इन कोरिया फिल्म एकदम परफेक्ट वॉच साबित हो सकती है। यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत मल्टी लैंग्वेज के साथ उपलब्ध कराई गई है।
रेटिंग: 3.5/5
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