Lucky the Superstar Review: जियोहॉटस्टार पर लकी द सुपरस्टार, देखें या स्किप करें?

Lucky the Superstar Review: जियो हॉटस्टार पर 'लकी द सुपरस्टार' रिव्यू: ऑटिज्म बच्ची अम्मू और सुपरस्टार पपी लकी की हार्टवार्मिंग कॉमेडी-ड्रामा। GV प्रकाश कुमार स्टारर, फैमिली के साथ देखें? 3/5 रेटिंग!

Authors
February 20, 2026 5:14 PM (IST)
Lucky the Superstar Review

20 फरवरी 2026 के दिन ओटीटी प्लेटफॉर्म जिओहॉटस्टार पर, ‘तमिल इंडस्ट्री’ की ओर से एक नई फिल्म “लकी द सुपरस्टार” (Lucky the Superstar) रिलीज हुई है। जिसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, बंगाली और मराठी के साथ देखा जा सकता है।

इसका फिल्म का निर्देशन और लेखन “उदयबानु महेश्वरन” ने किया है, जो इससे पहले रजनीकांत की फिल्म जेलर मैं CBI ऑफिसर का छोटा सा किरदार भी निभा चुके हैं। इस फिल्म की टोटल लंबाई तकरीबन 2 घंटा 3 (122 मिनट) मिनट के भीतर है, वहीं इसके जॉनर की बात करें तो यह कॉमेडी ड्रामा के अंतर्गत आता है।

तो चलिए जानते हैं, जिओहॉटस्टार की नई फिल्म “लकी द सुपरस्टार” को देखने में आपको अपना कीमती समय इन्वेस्ट करना चाहिए या फिर नहीं? और करते हैं इस फिल्म का रिव्यू।

लकी द सुपरस्टार फिल्म की कहानी

फिल्म की शुरुआती कड़ी में दिखाई जाती है एक छोटी बच्ची “अम्मू”, जो जन्म से ही ‘ऑटिज्म’ नाम की न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन के साथ जन्मी है। हालांकि जैसे-जैसे वह बड़ी होती है उसकी कंडीशन में तब सुधार दिखाई देने लगता है।

जब अम्मू के परिवार वाले एक दिन घर पर छोटा सा डॉग ‘लकी’ ले कर आते हैं, और इसी डॉग की वजह से अम्मू के ऑटिज्म में धीरे धीरे सुधार दिखाई देने लगता है। हालाँकि कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट तब देखने को मिलता है जब या लकी नाम का पालतू डॉग अचानक कहीं गायब हो जाता है।

इसके बाद शुरू होती है उसे ढूंढने की कोशिश, जहां एक तरफ लकी को ढूंढने के लिए अम्मू के परिवार और अन्य लोग बे तहाशा खोजते हुए नजर आते हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस भी इस केस की छानबीन में पूरी तरह से लगी हुई होती है।

“लकी द सुपरस्टार” की कहानी में पॉलिटिकल, राजनीतिक गड़बड़ और पावर-पॉलिटिक्स का एंगल भी जुड़ जाता है, जहां लकी को लकी चार्म मानकर कई लोग उसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।

अब क्या अंत तक लकी नाम का या डॉग दोबारा मिल पाएगा ?
क्या लकी को किसी ने जानबूझकर मार डाला है?
इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी फिल्म ‘लकी द सुपरस्टार’ जो अब जिओ हॉटस्टार पर उपलब्ध हो गई है।

कैसा है निर्देशन और तकनीकी पहलू

Udhayabanu Maheshwaran का निर्देशन काफी सधा हुआ है, जहां एक ओर फिल्म में कुत्तों की बातचीत को इस तरह से दिखाया गया है जैसे मानो वह फिल्म में मौजूद कोई इंसानी कलाकार हों।

वहीँ दूसरी ओर इसकी सिनेमाटोग्राफी काफी बढ़िया है, जिसमें काफी क्रिस्प कलर्स दिखाई देते हैं। पर हां कैमरा एंगल्स का कुछ खास उपयोग नहीं किया गया है और ना ही किसी तरह के स्पेशल कैमरा एंगल्स इसमें देखने को मिलते हैं।

फिल्म के कमजोर पक्ष

‘लकी द सुपरस्टार’ फिल्म में भले ही काफी सारी कॉमेडी देखने को मिलती हो, पर फिर भी यह मूवी कहीं-कहीं पर थोड़ी बोरियत भरी हो जाती है। और मुझे लगता है इसका मुख्य कारण है फिल्म की लंबाई। क्योंकि इसकी लंबाई को डेढ़ घंटे के भीतर भी रखा जा सकता था।

बहुत सारे सीन्स में ऐसा लगता है, जैसे कहानी को बेवजह बढ़ाया जा रहा हो। क्योंकि किसी कुत्ते को ढूंढने पर आधारित स्टोरी को 2 घंटे में बनाना थोड़ा अजीब लगता है। जैसे की वह सीन जब मामा ‘लक्ष्मण’ और पुलिस की बीच वाद विवाद दिखाया जाता है।

मूवी के पॉजिटिव पॉइंट्स

जिओहॉटस्टार इससे पहले भी साउथ की कई फिल्मों को रिलीज कर चुका है, लेकिन इस बार लकी द सुपरस्टार फिल्म इसलिए भी ज्यादा फेमस होने का दम रखती है क्योंकि इसमें जानवरों को बोलते हुए दिखाया गया है जैसे मानो वह इंसानों को और इंसान उन डॉग्स को सुन रहे हों।

फिल्म में छोटी बच्ची अम्मू के किरदार में नजर आने वाली बच्ची “मेघना सुमेश” है। इनकी एक्टिंग काफी लाजवाब है,जिसमें क्यूटनेस और दमदार एक्टिंग दोनों ही डबल डोज़ में नजर आती हैं।

फिल्म “लकी द सुपरस्टार” को पूरी तरह से पारिवारिक बनाया गया है जिसमें कॉमेडी ड्रामा सभी चीज एकदम बैलेंस रूप में नजर आती है। फिर चाहे वह अम्मू की एक्टिंग हो, या फिर उसके लिए घर वालों का प्यार सब कुछ एकदम रियल फील होता है।

जैसे कि वह सीन “जब अम्मू डॉग की तरह बोलती है, और पूरा परिवार भी उसके साथ वैसे ही बोलने लगता है”, इसी तरह के अन्य कई और सीन भी फिल्म में देखने को मिलते हैं जिन्हें देखकर आप इमोशनल हो जाएंगे।

निष्कर्ष

अगर आप इस वीकेंड ओटीटी पर कुछ ऐसा हल्का-फुल्का देखना चाह रहे हैं, जिसे फैमिली के साथ भी देखा जा सके, साथ ही कॉमेडी और ड्रामा भी देखने को मिले।

तब “लकी द सुपरस्टार” फिल्म आपके लिए परफेक्ट वॉच होगी क्योंकि इसमें वह सभी चीज़ें देखने को मिलती हैं जो फैमिली ऑडियंस के लिए सूटेबल है।

रेटिंग: 3/5

READ MORE

Assi Movie Review: क्या पिंक आर्टिकल 15 जैसी फिल्मों का टूटेगा रिकॉर्ड अनुभव सिन्हा का एक और मास्टरपीस अस्सी

Author

  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

Leave a Comment