Love Me, Love Me Review: इस वैलेंटाइन नेटफ्लिक्स पर आई वो फिल्म, जिसने ‘बैड बॉय’ से प्यार करने का मतलब बदल दिया!

Love Me, Love Me Review: एक ऐसी लड़की की कहानी जो अपने भाई को खोने के गम में डूबी है, पर नए शहर के कॉलेज में उसे मिलता है एक ऐसा लड़का जो उसकी ज़िंदगी को पूरी तरह से उलझा देता है। क्या नफरत से शुरू हुआ ये सफर मंजिल

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February 14, 2026 12:13 PM (IST)
love me love me movie review in hindi

13 फरवरी 2025 के दिन ‘प्राइम वीडियो‘ पर एक स्पैनिश फिल्म रिलीज हुई जिसका नाम “लव मी, लव मी” (Love Me, Love Me) है। फिल्म की लंबाई एक घंटा 40 मिनट के भीतर है और इसका जोनर टीन ड्रामा, रोमांस कैटेगरी के अंतर्गत आता है। मूवी का डायरेक्शन ‘रोजर कुंबले’ ने किया है।

रोजर इससे पहले 2020 में आई ‘आफ्टर वी कोलाइडेड’ और 2005 में आई फिल्म ‘जस्ट फ्रेंड्स’ का भी डायरेक्शन कर चुके हैं। तो वहीँ इस फिल्म के मुख्य किरदारों की बात करें तो इनमें मिया जेक, पेपे बरोसो, और लुका मेलुषी है।

क्योंकि यह फिल्म एक टीन ड्रामा और कॉलेज लाइफ के इर्द-गिर्द बुनी गई है जिस वजह से युवा दर्शक इस फिल्म को काफी पसंद करेंगे। तो चलिए जानते हैं यह फिल्म आपके समय के लायक है या फिर नहीं और करते हैं इस फिल्म का रिव्यू।

फिल्म की कहानी है ‘जून’ (वेरोनिका मोंटागोनी) नाम की एक ऐसी लड़की के बारे में जो कुछ ही दिनों पहले लंदन के एक नए शहर में अपनी मां ‘अप्रैल’ (एलिजाबेथ हर्ले) के साथ रहने आई है। जून की मम्मी पेशे से एक पेंटर हैं, वहीं जून एक कॉलेज स्टूडेंट है साथ ही काफी नरम मिजाज वाली एक खूबसूरत लड़की है।

हालांकि जून का परिवार एक बड़े दुख से जूझ रहा है। जून ने कुछ समय पहले ही अपने भाई को खोया है, क्योंकि जून का भाई स्टेरॉयड वाले इंजेक्शन लेता था। जून ने हाल ही में शहर बदला है जिस वजह से उसने इस नए शहर में आकर बॉस्को वर्टिकल नाम के कॉलेज में दाखिला लिया है। जहां पर उसकी मुलाकात अमेलिया और विल से होती है, और जैसे-जैसे समय बीतता है यह तीनों आपस में अच्छे दोस्त बन जाते हैं।

हालांकि यह कहानी इतनी भी सिंपल नहीं है क्योंकि जून के कॉलेज में एक और स्टूडेंट भी है जिसका नाम ‘जेम्स द हंटर’ उर्फ एडवर्ड (पेपे बरोसो) है। और जून की इस जेम्स नाम के लड़के से बिल्कुल भी पटरी नहीं खाती।

क्योंकि जेम्स एक बिगड़ा शहजादा है, जो पैसों के लिए ‘ऑस्टिन’ नाम के बंदे के लिए बॉक्सिंग करता है, जो असल में उसका सौतेला बाप भी है। जेम्स सिगरेट पीता है और साथ ही साथ छोटे भाई को बंदूक से पक्षियों को मारने की ट्रेनिंग देता है और रिंग में जीतने के लिए नशे वाले एस्ट्रोइट इंजेक्शन लेता है।

जैसे एक बार जब जून के हाथों से एक कॉफी कप गिर जाता है और वह जेम्स के कपड़ों पर आ जाता है। इस बात का बदला लेने के लिए जेम्स, जून को पकड़ कर जेंट्स टॉयलेट में ले जाता है और उसे अपने कपड़े धुलवाता है।

इसी तरह खट्टी-मीठी नोक-झोक के साथ इस फिल्म की कहानी आगे बढ़ती रहती है और इसी दौरान विल को जून से प्यार हो जाता है, हालांकि कहानी में ट्विस्ट यह है कि विल और जेम्स बचपन से ही एक दूसरे के लंगोटिया यार हैं।

इसी बीच कहानी एक और नया मोड़ तब लेती है जब जून की मम्मी को एक क्लाइंट ‘मिस्टर जॉर्डन’ से मीटिंग करनी होती है, पर उस क्लाइंट का एक छोटा बच्चा ‘जैस्पर’ है, जिस वजह से इस मीटिंग को करने में परेशानियां आ रही थी, लेकिन जैसे ही जून को इस बात का पता चलता है वह तुरंत ही उस क्लाइंट के बच्चे को संभालने के लिए राजी हो जाती है।

पर जब जैस्पर को संभालने के लिए जून उसके घर में जाती है तब उसे पता चलता है कि जेम्स हंटर भी उसी घर में रहता है, क्योंकि वह जैस्पर का बड़ा भाई है। फिल्म की कहानी का फर्स्ट हाफ काफी इंगेजिंग है पर जैसे-जैसे सेकंड हाफ में प्रवेश करती है, यह बिगड़ना शुरू हो जाती है जहां एक तरफ जेम्स का कोच और सौतेला पिता बिल्कुल भी नहीं चाहता कि जेम्स, जून से मिले।

क्योंकि भले ही विल टूट कर शिद्दत से जून से प्यार करता है, लेकिन जून तो जेम्स से प्यार करती है। और इन दोनों के बारे में कोई तीसरा अनजान शख्स, दोनों के रिश्ते के बारे में विल के कान भरने लगता है।

अब क्या होगा इस ट्रायंगल लव स्टोरी का अंत? और जिस तरह से जेम्स के तार गलत चीजों से जुड़े हुए हैं क्या इनकी वजह से वह किसी बड़ी मुसीबत में फंसने वाला है? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी यह फिल्म।

फिल्म के पॉजिटिव पॉइंट्स

क्योंकि इस फिल्म की कहानी को एक घंटा 40 मिनट के भीतर समेटा गया है, जिस वजह से यह बिल्कुल भी उबाऊ नहीं लगती और दर्शक इस फिल्म से अंत तक इंगेज रहेंगे। मूवी में जिस तरह से कॉलेज लाइफ को कैमरे पर उतारा गया है वह काफी अच्छी है क्योंकि यह कहीं से भी बनावटी नहीं लगती। हर एक चीज रियल वर्ल्ड से ही इंस्पायर दिखाई गई है, जैसे किसी लड़की का कॉलेज में अक्सर हो जाने वाला बुरे लड़के से प्यार।

फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी काफी बढ़िया है, जिसे लगभग ज्यादातर ही आउटडोर में शूट किया गया है, इन सभी लोकेशंस में कॉलेज और पब्स देखने को मिलते हैं। क्योंकि यह फिल्म यूथ सेंट्रिक है जिस वजह से कहानी में कई बार पार्टियां दिखाई जाती हैं, यही वजह है कि इसका अधिकतम म्यूजिक पार्टी वाला है, जो आपका मूड सेट कर देगा।

फिल्म के कमजोर पॉइंट्स

कहानी में जून को उसके मरे हुए भाई की यादों से जूझते हुए तो दिखाया गया है, पर फिर भी उसके भाई वाले किरदार पर ज्यादा रोशनी नहीं डाली गई है। वहीं दूसरी और कहानी में दिखाया गया है कि जेम्स पैसों के लिए बॉक्सिंग रिंग में लड़ता है।
लेकिन मुझे एक बात नहीं समझ आई, कि जेम्स को पैसों की क्या जरूरत थी क्योंकि वह तो पहले से ही अमीर घराने से ताल्लुक रखता था।

निष्कर्ष: फाइनल वर्डिक्ट

अगर आप एक ‘Gen Z’ हैं, और इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं, जो आपकी कॉलेज लाइफ और पर्सनल लाइफ से ही रिलेटेड हो, तब आप ‘लव मी, लव मी’ नाम की इस नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई फिल्म को देख सकते हैं। इस मूवी को इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी देखा जा सकता है।

साथ ही मुझे लगता है 13 फरवरी के दिन नेटफ्लिक्स ने जानबूझकर इस फिल्म को रिलीज किया है, क्योंकि अगले दिन 14 फरवरी है। तो अगर आप इस वैलेंटाइन के मौके पर कुछ अच्छा देखना चाहते हैं तो मेरे हिसाब से यह एक बेस्ट फिल्म होगी, जो आपका काफी कम समय लेगी।

रेटिंग: 4/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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