Jora Kaiya Thattunga Review: योगी बाबू का खौफनाक अवतार, जादू की एक गलती और पूरी जिंदगी बन गई खूनी खेल। देखें रिव्यू!

Jora Kaiya Thattunga Hindi Review: अमेजॉन प्राइम पर योगी बाबू की 'जोरा काइया थट्टुंगा' रिलीज। एक मशहूर जादूगर के अर्श से फर्श तक गिरने और प्रतिशोध की रोंगटे खड़े कर देने वाली थ्रिलर कहानी। सस्पेंस और इमोशन का बेहतरीन तालमेल। जरूर देखें!

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March 4, 2026 4:13 PM (IST)
Jora Kaiya Thattunga movie scene: Yogi Babu lying injured on floor with bloodied face, intense drama thriller moment

तमिल इंडस्ट्री की ओर से ‘अमेजॉन प्राइम वीडियो’ ओटीटी पर, भारत में अब ‘जोरा काइया थट्टुंगा’ (Jora Kaiya Thattunga) फिल्म को रिलीज कर दिया गया है, हालांकि सिनेमाघर में यह फिल्म 16 मई 2025 के दिन रिलीज हुई थी और अब यह ओटीटी पर हिंदी में उपलब्ध है।

इस फिल्म का निर्देशन ‘विनेश मिलेनियम’ द्वारा किया गया है। तो वहीं इस मूवी का जोनर ड्रामा, थ्रिलर, मिस्ट्री कैटिगरी के अंतर्गत आता है। फिल्म की टोटल लंबाई तकरीबन 1 घंटा 49 मिनट के बीच है। तो चलिए जानते हैं कैसी है यह तमिल मूवी और करते हैं इसका डिटेल रिव्यू।

जोरा काइया थट्टुंगा फिल्म की कहानी

मूवी की स्टोरी शुरू होती है एक छोटे से गांव से जो कि नीलगिरि की पहाड़ियों पर बसा हुआ है। जहां स्टोरी देखने को मिलती है, यहां रहने वाले रंगराजन की।
रंगराजन पेशे से एक फेमस जादूगर है। यह जादूगर वाला किरदार ‘योगी बाबू’ (Yogi Babu) ने निभाया है।

जो अपने साथी कल्की के साथ जादू के प्रोग्राम करता है। इसे गांव के लोगों द्वारा बहुत पसंद किया जाता है, क्योंकि वह एक रोते हुए इंसान को भी अपने जादू के बल पर हंसा देता है।

हालांकि अच्छे दिनों के साथ-साथ हर व्यक्ति का बुरा टाइम भी जरूर आता है, ऐसा ही रंगराजन के साथ भी होता है, जब वह अपने एक मैजिक शो के दौरान एक खास तरह की जादुई ट्रिक दर्शकों को दिखाता है।

लेकिन यह नयी ट्रिक फेल हो जाती है, और इस ट्रिक के लिए इस्तेमाल की गई बच्ची का एक्सीडेंट हो जाता है। जिस वजह से रंगराजन का बना-बनाया पूरा करियर चौपट हो जाता है और उसे गांव के लोगों द्वारा काफी भला-बुरा भी कहा जाता है।

यहीं पर हमें जादूगर रंगराजन के एक बड़े सपने का भी पता चलता है, जो उसने अपने पिता के मरने से पहले उनसे वादा किया था। कि वह एक बड़ा जादूगर बनकर दिखाएगा जिसे दुनिया जानेगी। क्योंकि रंगराजन के पिता भी एक काफी फेमस मैजिशियन रह चुके थे।

हालांकि उनका सपना जादूगरी की दुनिया में, विश्व भर में फेमस होने का था, लेकिन वह उसे साकार नहीं कर सके, यही वजह थी कि अपने उस अधूरे सपने को पिता अपने बेटे रंगराजन के द्वारा पूरा होते हुए देखते थे।

लेकिन रंगराजन का करियर पूरी तरह तबाह होने के बाद वह अपनी खोई हुई पहचान और सम्मान पाने के लिए एक ऐसा रास्ता अपनाता है जो उसे गहरे काले दलदल में घसीट लेता है।

क्योंकि इसी बीच रंगराजन का टकराव गांव में रहने वाले कुछ दबंग लोगों से होता है, जिनके नाम हरीश पेरादी और जाकिर अली हैं। यह दोनों मिलकर रंगनाथन के जादू शो में काम करने वाली छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म कर देते हैं।

अब क्या है वह खतरनाक रास्ता जिसे रंगनाथन ने अपनाया है?

जादूगर का मैजिक क्यों फेल हुआ था?

क्या रंगनाथन कोई साइको किलर है?

इन सभी बड़े सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी फिल्म ‘जोरा काइया थट्टुंगा’।

फिल्म का डायरेक्शन कैसा है?

जोरा काइया थट्टुंगा का निर्देशन ‘विनेश मिलेनियम’ द्वारा किया गया है। और मुझे लगता है यह ठीक वैसा ही है, जैसा उनकी पिछली फिल्मों में किया गया था, यानी एकदम स्थिर। क्योंकि यहां सस्पेंस और थ्रिलर का ऐसा जुड़ाव है, जो काफी स्थिर है। जिस वजह से दर्शक इसे अंत तक देखने के लिए बंधे रहेंगे।

फिल्म की बड़ी कमियां

मूवी में जिस तरह से एक्टर योगी बाबू के अलावा जितने भी कलाकारों ने एक्टिंग की है वह काफी अंडररेटेड यानी वीक है।

स्टोरी में लॉजिक्स की काफी कमी दिखाई देती है जहां किसी भी वक्त कोई भी घटना घट जाती है, यही वजह है कि मुझे लगता है इसकी स्टोरी में गहराई की काफी कमी है।

बहुत सारी जगह पर फिल्म काफी स्लो हो जाती है हालांकि कुछ ऐसे सीन भी हैं जिनमें स्टोरी काफी फास्ट पेसिंग हो जाती है। कुल मिलाकर अगर मैं कहूं तो इसकी स्टोरी में बैलेंस बिल्कुल भी नजर नहीं आता।

क्लाइमेक्स में वह फिनिशिंग नहीं दी गई जिस तरह से किसी थ्रिलर से भरपूर फिल्म को देनी चाहिए थी, जिस वजह से मुझे ऐसा लगता है कि इसकी एंडिंग मुझे थोड़ी अधूरी लगी।

फिल्म के पॉजिटिव पॉइंट्स:

फिल्म में योगी बाबू के अलावा सभी किरदारों की एक्टिंग भले ही काफी लो क्वालिटी वाली हो, लेकिन जिस तरह से योगी बाबू अपनी इस फिल्म में भी जान डालते हुए नजर आते हैं उससे यह साबित हो जाता है कि वह एक महान कलाकार हैं।

फिल्म में भले ही बहुत सारी कमियां हों लेकिन जिस तरह से इसकी सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक का एग्जीक्यूशन किया गया है, वह लाजवाब है। जैसे कि फिल्म में दिखाया गया वह सीन जब जादूगर रंगराजन अपने पिता की एक पुरानी मैजिक ट्रिक का इस्तेमाल करता है।

फिल्म का सेकंड हाफ काफी इमोशंस और गहराई से भरा हुआ है जो इसके फर्स्ट हाफ को कड़ी टक्कर देता है, यही वजह है कि मूवी के क्लाइमैक्स तक दर्शक इंतजार करते हैं।

फिल्म में रंगनाथन और सभी सपोर्टिंग किरदारों के अलावा एक रिपोर्टर वाला मुख्य किरदार भी शामिल है, जो कि शांति राव द्वारा निभाया गया है। मुझे पर्सनली यह काफी पसंद आईं, क्योंकि उनकी एक्टिंग लाजवाब है।

निष्कर्ष:

अगर आप तमिल फिल्में देखने के शौकीन हैं साथ ही इस वीकेंड थ्रिलर और सस्पेंस से भरा कुछ नया देखने की तलाश में हैं, तब फिल्म ‘जोरा काइया थट्टुंगा’ आपके लिए एक बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है। फिल्म में कोई एडल्ट सीन नहीं है जिस वजह से आप इसे फैमिली के साथ भी इंजॉय कर सकते हैं।

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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