Shelter Movie Review: एक खामोश जिंदगी, एक छोटी बच्ची और लौटता हुआ अतीत

Shelter OTT Release: हॉलीवुड के दिग्गज स्टार Jason Statham की एक्शन थ्रिलर फिल्म Shelter में एक पूर्व असैसिन माइकल मेसन (जेसन) सुनसान द्वीप पर अकेला रहता है, लेकिन एक तूफान में फंसी छोटी लड़की को बचाने के लिए अपना छिपा हुआ अतीत सामने आ जाता है, जिससे खतरनाक दुश्मन उसका

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February 25, 2026 10:46 AM (IST)
Shelter Movie Review in Hindi

हॉलीवुड के दिग्गज स्टार ‘जेसन सटेथेम‘ की फिल्म “शेल्टर” सिनेमाघरों में 30 जनवरी 2026 को रिलीज की गई थी। अब आखिरकार इसको प्राइम वीडियो के VOD पर स्ट्रीम किया जा चुका है। पर हिंदी दर्शकों के लिए निराशाजनक खबर ये है कि इसे हिंदी डबिंग के साथ रिलीज नहीं किया गया।

अभी सिर्फ इसे आप इंग्लिश भाषा में ही देख सकते हैं। IMDb रेटिंग की बात करें तो 10 में से 6.4 मिले हैं। फिल्म का बजट भारतीय रुपए में लगभग 420 करोड़ के आसपास था, कुछ रिपोर्ट के अनुसार इसने बॉक्स ऑफिस पर 300 से 330 करोड़ के बीच का कलेक्शन किया।

बाकी ये अपना कलेक्शन म्यूजिक राइट्स, OTT राइट्स, डिजिटल राइट्स के माध्यम से कलेक्ट कर सकती है।

सुनसान द्वीप पर अकेला रहता माइकल मेसन

शांत स्वभाव वाला एक सुनसान द्वीप, जहां पर सर्द हवाओं के साथ-साथ समुद्र की शांत लहरें झूमती रहती हैं। मजे की बात यह है कि इस द्वीप पर एक अकेला आदमी रहता है, जिसका नाम है ‘माइकल मेसन’, यह इंसान कई वर्षों से खुद को दुनिया से अलग कर चुका है।

माइकल मेसन अपनी जिंदगी में दुखी है उसके पास ना ही फोन है ना ही इंटरनेट, बस है तो साथ देने के लिए उसका एक कुत्ता। कहानी में जैसी नाम की एक छोटी लड़की को दिखाया गया है जो कि अपने अंकल के साथ नाव पर बैठकर इस द्वीप पर आती है।

जेसन को ज़रूरी सामान देकर चली जाती है, माइकल इन लोगों से ज्यादा बातें नहीं करते हैं बस सामान ले लेते हैं और दरवाजा बंद कर लेते हैं। यह छोटी लड़की इस बात से काफी नाराज रहती है कि माइकल कितना निर्दयी है कि वह बात तक नहीं करता।

छोटी लड़की सोचती है कि आखिर आज के समय में इस तरह का इंसान कैसे हो सकता है। कहानी में ट्विस्ट उस समय आता है जब वह छोटी बच्ची और उसका अंकल समुद्र में आए हुए एक तूफान में फंस जाते हैं।

माइकल यह सब दूर से देख रहा होता है उससे रहा नहीं जाता, और वह समुद्र में कूद जाता है, पर दुर्भाग्यवश उस छोटी बच्ची के अंकल को वह नहीं बचा पाता पर बच्ची को बचा लेता है। अब बच्ची की हालत नाजुक है जिसके लिए उसको डॉक्टर के पास ले जाना होगा और डॉक्टर है शहर के अंदर जहां माइकल जाना नहीं चाहता।

पर फिर भी माइकल को छोटी बच्ची की जान बचानी है कैसे न कैसे करके वह शहर की ओर दवा लेने जाता है पर वहां लगे CCTV कैमरे में उसकी तस्वीर उतर जाती है।

क्योंकि माइकल का पास्ट साधारण आदमी का नहीं था अब आखिर माइकल को किस बात का डर है? वह द्वीप पर अकेला क्यों रहता है? माइकल का चेहरा CCTV कैमरे में आने के बाद अब इसके साथ क्या होगा?
यही सब आगे आपको फिल्म देखकर जानना होगा।

मेकर का फिल्म के द्वारा दिया जाने वाला संदेश

माइकल मेसन सालों से अकेला रह रहा है, क्योंकि वह एक असैसिन है। निर्देशन ने यहां साफ किया है कि आप अपनी पिछली गलतियों से कुछ सीखें किसी की रक्षा करना खुद को बचाने का सबसे अच्छा मौका है, फिल्म के अंदर इमोशन से भरी हुई कुछ समझने वाली बातें भी हैं फिल्म एक्शन के साथ-साथ दिल में भी उतरने का काम करती है।

मुझे कैसी लगी ये फिल्म

जेसन की पिछली फिल्में कुछ हद तक इस तरह की पहले भी देखी जा चुकी हैं। पहले की तरह यहां पर भी जेसन एक एक्स सीक्रेट एजेंट के रूप में दिखाए गए हैं जो गुमनामी की जिंदगी जी रहे हैं और इन्हें एक छोटी बच्ची की जान बचानी है।

कहानी और कैरेक्टर वाइज मुझे इस फिल्म के अंदर कुछ खास ऐसा नयापन दिखाई नहीं दिया, जिसे मैंने पहले उनकी फिल्मों में एक्सपीरियंस ना किया हो। हां बस मैं जेसन का फैन हूं और मुझे उनके एक्शन सीक्वेंस पसंद आते हैं यही वजह है कि मैंने इसे देखा।

जिन दर्शकों को एक्शन एडवेंचर फिल्म देखना पसंद है तो यहां पर उन्हें दमदार एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेंगे। सभी एक्शन सीक्वेंस को बहुत बढ़िया तरीके से कोरियोग्राफ किया गया है बड़े बजट में बनी यह फिल्म टेक्निकल रूप से भी स्ट्रांग है, फिर वह चाहे इसका BGM हो या फिर इसकी एडिटिंग और एक्शन सीक्वेंस लोकेशन।

अच्छे टाइम पास के लिए यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है। मैं इस फिल्म को दूंगा 3/5 स्टार की रेटिंग।

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    मैं आमिर खान हूँ। हिंदी सिनेमा और OTT प्लेटफॉर्म्स की फिल्मों-वेब सीरीज का गहराई से विश्लेषण और ईमानदार रिव्यू करता हूँ। दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में कुछ साल काम करने का अनुभव भी रहा। बॉलीवुड की हर धड़कन, ट्रेंड्स और क्वालिटी कंटेंट पर पैनी नजर रखता हूँ। यहीं पर बिना किसी लाग-लपेट के अपनी राय रखता हूँ।

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