5 दिसंबर 2025 के दिन रिलीज हुई फिल्म धुरंधर जिसकी अगली कड़ी “धुरंधर 2: द रिवेंज” 19 मार्च 2026 के दिन रिलीज की गई है। हालांकि धुरंधर 2 की लंबाई धुरंधर वन से काफी ज्यादा है, जो 3 घंटे 49 मिनट के भीतर है।
धुरंधर 2 का डायरेक्शन इस बार भी आदित्य धर ने ही किया है, जिन्होंने इससे पहले धुरंधर वन, और उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक जैसी फ़िल्में निर्देशित की हैं। तो चलिए जानते हैं कैसी है रणवीर सिंह की धुरंधर 2 फिल्म में परफॉर्मेंस और करते हैं इस मूवी का रिव्यू।
धुरंधर 2 स्टोरी:
धुरंधर 2 फिल्म की स्टोरी, इसके पहले पार्ट यानी धुरंधर वन की एंडिंग के बाद से ही शुरू होती है। जहां अब इस फिल्म का मुख्य किरदार हम्ज़ा अली माजरी (रणवीर सिंह) इस कहानी के मुख्य विलेन रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) को मौत के घाट उतार चुका है।
साथ ही हमें यह भी पता चल जाता है, कि रणवीर सिंह कोई मामूली इंसान नहीं है, बल्कि भारत की तरफ से भेजा गया एक ट्रेंड स्पाई यानी जासूस है। जिसे भारतीय सरकार ने जेल से रिहा करवा कर अपने मिशन में शामिल किया था। क्योंकि इस पर बहुत सारे लोगों के कत्ल करने का जुर्म साबित हो गया था।
हालांकि जैसे जैसे यह कहानी आगे बढ़ती है हमें एक मुख्य बात भी पता चलती है, कि हमजा को दिए गए इस मिशन का मुख्य प्यादा सिर्फ रहमान डकैत ही नहीं था, बल्कि बाकी अन्य बचे हुए लोग भी उसी के जैसे हैं, जिन्हें अब हमजा को खत्म करना है ठीक उसी तरह जैसे हमजा ने रहमान डकैत को खत्म किया था।
फिल्म के आगे की कहानी इसी पर टिकी हुई है, कि कैसे हमजा एक एक करके पाकिस्तान के लियारी नाम के इलाक़े में मौजूद गैंगस्टर्स को किस तरह खत्म करता है, जो कि भारत देश के लिए खतरा बने हुए हैं।
कैसा है फिल्म का डायरेक्शन:
डायरेक्टर आदित्य धर जिन पर धुरंधर वन फिल्म की रिलीज के बाद भी इस तरह के कई आरोप लगे थे, कि वह अपनी फिल्म में प्रोपेगेंडा डालने की कोशिश करते हैं। और इस बात का स्पष्टीकरण धुरंधर 2 फिल्म के साथ उजागर हो गया है।
क्योंकि जिस तरह से उन्होंने धुरंधर 2 में इसी तरह के बहुत सारे एलिमेंट्स डाले हैं जिनमें नोटबंदी को सही साबित करना और अतीक अहमद को कहानी मे बिना किसी आधार के नाम बदल कर दिखाना जैसे दृश्य शामिल हैं।
इन सभी चीजों को देखते हुए पब्लिक को इस बार अच्छे से समझ आ गया है, कि आदित्य धर ने फिल्म की कहानी में प्रोपेगेंडा को भी ठूंस दिया है।
और इन सभी चीजों के अलावा मुझे ऐसा नहीं लगता कि निर्देशक ने कुछ ऐसा कमाल किया है जिसकी वजह से धुरंधर 2 को शानदार कहा जाए। क्योंकि मुझे लगता है कि धुरंधर वन के आगे धुरंधर 2 पूरी तरह से फीकी है।
फिल्म के कमजोर पक्ष:
धुरंधर 2 की सबसे बड़ी कमी है इसकी लंबाई जो कि चार घंटे के भीतर है, जिसे देखते वक्त आपको अच्छे से समझ आने लगता है कि यह लंबाई इतनी ज्यादा क्यों है। क्योंकि इस फिल्म को बिना एडिट किए ही रिलीज कर दिया गया है।
हालांकि मैं इस फिल्म के मेकर्स द्वारा इसे बिना एडिट के रिलीज किए जाने के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह का फैसला तब लेना बेहतर होता, जब आपको पता हो कि फिल्म की कहानी को बिना एडिट किए भी दिखाया जाए तब भी वह पूरी तरह इंगेजिंग बनी रहेगी।
और यह बात धुरंधर 2 के साथ बिल्कुल भी मेल नहीं खाती। क्योंकि इस फिल्म में एक नहीं बल्कि बहुत सारे ऐसे सीन हैं जिन्हें देखते देखते आप थक जाएंगे और बोरियत महसूस करेंगे, खासकर लड़ाई वाले सीन यानी अधिकतर एक्शन सीक्वेंस, जो काफी लंबे हैं और खत्म होने का नाम ही नहीं लेते हैं।
फिल्म में जिस तरह से गालियों का इस्तेमाल किया गया है, वह काफी ज्यादा है और यहां मैं भारतीय सेंसर बोर्ड की निंदा करना चाहूंगा, क्योंकि उन्होंने जिस तरह से गालियां होने के बावजूद इस फिल्म को पास कर दिया वह काफी अजीब है।
क्योंकि यहां गालियों के साथ बीप की आवाज भी आती है, हालांकि यह बीप वाली आवाज गाली से इतनी मिसमैच करती है, कि दर्शकों को साफ समझ आ जाता है कि किरदारों द्वारा किस तरह की गालियां और कौन सी गाली दी जा रही है।
फिल्म की अच्छाइयां:
धुरंधर 2 की अच्छी बातें अगर मैं आपको बताना चाहूं, तो इनमें सबसे पहले होगा फिल्म के मुख्य किरदार रणवीर सिंह की एक्टिंग। क्योंकि जिस तरह से धुरंधर वन में रणवीर नजर आए थे उसी तरह धुरंधर 2 में भी उनका जलवा बना रहता है और वह अपनी एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रहते हैं।
वहीं दूसरी बात धुरंधर 2 में संजय दत्त को भी इस बार काफी स्क्रीन टाइम दिया गया है और उनकी एक्टिंग जिस तरह से पुलिस ऑफिसर एसीपी असलम चौधरी के रूप में दिखाई गई है वह भी अच्छी है।
फिल्म में एक अन्य किरदार भी दिखाया गया है, जिसे बड़े साहब का नाम दिया गया है। हालांकि धुरंधर 2 के रिलीज होने से पहले बहुत सारी अटकलें लगाई जा रही थीं, कि बड़े साहब वाले किरदार में सलमान खान दिखाई देंगे।
हालांकि वह सारी अटकलें पूरी तरह से धराशाई हो गईं क्योंकि यहां एक नया चेहरा देखने को मिलता है। और बड़े साहब के इस किरदार की वजह से फिल्म की कहानी को थोड़ा सा सस्पेंस भी हासिल हो जाता है।
निष्कर्ष:
अगर आपने इससे पहले धुरंधर वन फिल्म देखी है और उसके आगे की कहानी जानने के लिए उत्साहित हैं, तब आप धुरंधर 2 को एक बार कंसीडर कर सकते हैं। हालांकि अगर आपको इंगेजिंग स्टोरी को भी कम समय में देखना पसंद है, तब धुरंधर 2 आपके लिए घाटे का सौदा साबित हो सकती है।
क्योंकि इसे देखने के लिए आपको अपना तकरीबन 4 घंटे का समय देना होगा और इस 4 घंटे में यह फिल्म आपको इंगेज कर पाएगी या फिर नहीं इसकी भी कोई गारंटी नहीं है क्योंकि धुरंधर 2 की स्टोरी मेरे हिसाब से काफी कमजोर है।
रेटिंग: 3/5
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