Blood of Fury Movie Review: चाइनीज मार्शल आर्ट का धमाका – VR OTT पर अब हिंदी में!

Blood of Fury Movie Review: ब्लड ऑफ फ्यूरी एक चाइनीज एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक योद्धा बच्चे को बचाने के लिए खतरनाक दुश्मनों से लड़ता है। शानदार मार्शल आर्ट एक्शन से भरपूर, लेकिन कहानी पुरानी। हिंदी डब काम चलाऊ। परिवार के साथ देख सकते हैं।

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February 23, 2026 9:57 AM (IST)
Blood of Fury now VR OTT platform hindi

‘ब्लड ऑफ़ फ्यूरी’ (Blood of Fury ) जिसे अब फाइनली हिंदी डबिंग में रिलीज कर दिया गया है। जिसे आप भी ‘VR OTT’ के प्लेटफॉर्म पर जाकर वॉच कर सकते हैं। यह एक ऐसे बाउंटी हंटर की कहानी दिखाई गई है जो एक बच्चे को बचा रहा है और इसे बचाने के लिए इन्हें सामना करना पड़ता है खतरनाक शैतानी लोगों से।

यह चाइनीज एक्शन थ्रिलर फिल्म है। डबिंग की बात करें तो इसकी हिंदी डबिंग बस काम चलाऊ ही है।जो दर्शक एक्शन फिल्मों को पसंद करते हैं उन्हें यह फिल्म काफी पसंद आएगी पर अगर आपको ऐसा लग रहा है कि यहां पर कुछ अलग कहानी देखने को मिलेगी तो ऐसा नहीं है।

इस तरह की कहानी पहले भी बहुत सी फिल्मों में देखी जा चुकी है, तो यह मान के चलिए कि यह फिल्म हमें कुछ अलग नहीं दिखाती।

हाँ फ़िल्म की एक्शन और कोरियोग्राफी शानदार है जिसे देखने में मजा आता है। यहां पर इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि कहानि मे लगातार एक्शन चलते रहते हैं जिससे आपको बोरियत भी नहीं होती।

क्या है मेरी राय इस फिल्म पर?

मुझे ऐसा लगता है, कि यह एक परफेक्ट एक्शन फिल्म है। अगर आपको ‘ब्लड ऑफ़ फ्यूरी’ फिल्म देखते समय ऐसा लग रहा है कि इसकी कहानी और कैरेक्टर में कुछ इमोशंस देखने को मिलेंगे तो ऐसा नहीं है। अगर आपको चाइनीज मार्शल आर्ट देखना काफी अच्छा लगता है तब आपको इस फिल्म के अंदर वह देखने को मिलेगा।

मुझे ऐसा लगता है कि जिन दर्शकों को सिर्फ और सिर्फ एक्शन देखना पसंद है, जिन्हें कहानी, कैरेक्टर, म्यूजिक, सिनेमैटोग्राफी से कोई मतलब नहीं है वे फिल्म को देख सकते हैं।

पर वे दर्शक जिन्हें एक्शन के साथ-साथ बढ़िया कहानी, म्यूजिक, बीजीएम, सिनेमैटोग्राफी, अच्छी हिंदी डबिंग चाहिए वे इस फिल्म से दूर ही रहें तो अच्छा है। परिवार के साथ आसानी से इसे देखा जा सकता है।
क्योंकि यहां किसी भी तरह के ऐसे सीन नहीं हैं जिन्हें फैमिली के साथ बैठकर न देखा जा सके।

फिल्म ‘ब्लड ऑफ़ फ्यूरी‘ की कहानी का अंत कुछ इस तरह से किया गया है जो खुशी भी देता है और थोड़ा गम भी साथ ही हमें यह भी सोचने पर मजबूर कर देता है, कि क्या न्याय की कीमत कभी पूरी भी हो सकती है। फिल्म खत्म होने के बाद भी एक एहसास छोड़ जाती है कि पीड़ित की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है बाकी है।

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    मैं आमिर खान हूँ। हिंदी सिनेमा और OTT प्लेटफॉर्म्स की फिल्मों-वेब सीरीज का गहराई से विश्लेषण और ईमानदार रिव्यू करता हूँ। दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में कुछ साल काम करने का अनुभव भी रहा। बॉलीवुड की हर धड़कन, ट्रेंड्स और क्वालिटी कंटेंट पर पैनी नजर रखता हूँ। यहीं पर बिना किसी लाग-लपेट के अपनी राय रखता हूँ।

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