Bandwaale Series Review: रतलाम की धूल भरी गलियों से निकली वायरल शायरी बैंडवाले में मरियम बन गई इंटरनेट सेंसेशन

Bandwaale Series Review: बैंडवाले (प्राइम वीडियो, 13 फरवरी 2026 से स्ट्रीमिंग) एक म्यूजिकल ड्रामेडी है, जो रतलाम की छोटी शहर की लड़की मरियम (शालिनी पांडे) की कहानी बताती है। वह गुमनाम रूप से अपनी शायरी ऑनलाइन पोस्ट करती है।

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February 14, 2026 9:25 AM (IST)
Bandwaale Prime Video review

प्राइम वीडियो के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर 13 फरवरी 2026 से “बैंडवाले” (Bandwaale) वेब सीरीज को रिलीज किया गया है। शो के अंदर टोटल 8 एपिसोड हैं और इन सभी एपिसोड की लंबाई 40 से 50 मिनट के बीच की है। पांच से छह घंटों के अंदर आप इसे लगातार बिंज वाच कर सकते हैं।

पर इससे पहले जानते हैं कि आखिर कैसी है ये वेब सीरीज। सीरीज में ‘आशीष विद्यार्थी‘ की बढ़िया एक्टिंग देखने को मिलती है। आशीष विद्यार्थी आजकल इंस्टाग्राम रील में काफ़ी दिखाई देते रहते हैं। इस सीरीज को बनाया है अंकुर तिवारी और स्वानंद किरकिरे ने।

सीरीज का निर्देशन ‘डेली बेल्ली’ की कहानी लिखने वाले ‘अक्षत वर्मा‘ ने किया है और इनका साथ निभाया है अंकुर तिवारी ने।

क्या है बैंडवाले वेब सीरीज की बेसिक कहानी

वेब सीरीज बैंडवाले मध्य प्रदेश के रतलाम की है जहां ट्रेन सिर्फ रात में रुकती है और दिन में दिखाई देती है धूल भरी आंधी। इसी रतलाम शहर में रहती है सीरीज की मुख्य अभिनेत्री ईसाई परिवार की मरियम जिसे शायरी लिखने का बहुत शौक है।

मरियम के किरदार में शालिनी पांडे हैं और मरियम के पिता के रोल में हैं आशीष विद्यार्थी। मरियम को अपनी जिंदगी अलग ढंग से जीना है पर उनके पापा यानी कि आशीष विद्यार्थी ये समझते हैं कि लड़कियों की जिंदगी सिर्फ शादी घर बच्चो तक ही सीमित है।

जो दर्शक छोटे शहरों से ताल्लुक रखते हैं, उन्हें यह फिल्म फील गुड करवाएगी। कहानी का ट्विस्ट ये है कि मरियम अपनी कविताओं को ऑनलाइन पोस्ट कर देती है बिना अपना चेहरा दिखाए। यहां सिर्फ मरियम की आवाज सुनाई देती है, पर धीरे-धीरे इसकी कविताएं लोगों को पसंद आने लगती हैं।

कुछ समय के बाद मरियम की मुलाकात रोबो और डीजे साइको से होती है और यह तीनों मिलकर अपने-अपने टैलेंट का इस्तेमाल करके कुछ नया बनाने और करने की कोशिश मे लग जाते हैं। मरियम की आवाज को यह दोनों अपने संगीत से और भी आकर्षक बनाते हैं। यह एक सिंपल सी कहानी है जो थोड़ा हंसाती है और इमोशनल भी करती है।

वेब सीरीज के पॉजिटिव नेगेटिव पॉइंट

कम प्रमोशन के साथ रिलीज की गई बैंडवाले वेब सीरीज के बारे में अगर मैं अपनी बात करूं तो यह मुझे एवरेज लगी है। यहां बहुत से ऐसे सीन हैं जो प्रेडिक्टेबल है। कहानी थोड़ी स्लो और बोर भी करती है। ज्यादातर एक्टर्स की परफॉर्मेंस ब्लो एवरेज दिखाई दे रही है।

सीरीज को 3 घंटे के अंदर खत्म किया जा सकता था बेवजह इसे इतना लंबा खींचा गया। शो को देखते समय मन में एक ही विचार आता है कि आखिर मेकर्स ने इस शो को क्या सोचकर इतना स्लो बनाया है। यह आपका टाइम पैसा दोनों ही चीजों का सत्यानाश करने वाली है।

बड़ी स्टार कास्ट के साथ भी सीरीज के अंदर ऐसा कुछ भी नहीं है जो इसको देखने के काबिल बनाए। स्वानंद किरकिरे की बात करें तो इनका किरदार बहुत ही छिछोरा लग रहा है जो कि कहानी में बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता।

एक बड़े उम्र का आदमी अपने से इतनी छोटी उम्र की लड़की के प्यार में पड़ जाए देखने में थोड़ा नहीं बहुत क्रिंज लगता है। विक्रम कोचर ने अपने किरदार को बहुत अच्छे ढंग से पेश किया है।

सीरीज का म्यूजिक पॉजिटिव है जो भी शायरी यहां पेश की गई हैं वह अच्छी लगती हैं। कहानी के किसी भी कैरेक्टर से मैं एक दर्शक के तौर पर खुद को अटैच नहीं कर पाया। यही वजह है कि मैं इसे दूंगा २/५ स्टार की रेटिंग।

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    मैं आमिर खान हूँ। हिंदी सिनेमा और OTT प्लेटफॉर्म्स की फिल्मों-वेब सीरीज का गहराई से विश्लेषण और ईमानदार रिव्यू करता हूँ। दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में कुछ साल काम करने का अनुभव भी रहा। बॉलीवुड की हर धड़कन, ट्रेंड्स और क्वालिटी कंटेंट पर पैनी नजर रखता हूँ। यहीं पर बिना किसी लाग-लपेट के अपनी राय रखता हूँ।

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