27 मार्च 2026 के दिन JioHotstar पर स्ट्रीम होना शुरू हुई, तमिल वेब सीरीज ‘Muthu Alias Kaattaan’। इस सीरीज में कुल 10 एपिसोड हैं और इसका डायरेक्शन एम.मणिकंदन और बी. अजितकुमार ने मिलकर किया है।
मणिकंदन इससे पहले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म ‘कदैसी विवसायी’ जैसी बेहतरीन फिल्म दे चुके हैं। सीरीज का जॉनर क्राइम, मिस्ट्री और ड्रामा है और यह तमिल के साथ-साथ हिंदी, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़, मराठी और बंगाली भाषाओं में भी उपलब्ध है।
Muthu Alias Kaattaan की कहानी:
कहानी की शुरुआत होती है, तमिलनाडु के एक छोटे से गांव से जहां के जंगली इलाके में स्थित एक छोटे से पुलिस स्टेशन की हालत यह है कि वहां सालों से कोई बड़ा मामला ही नहीं आया।
कांस्टेबल कालई पांडियन (वडिवेल मुरुगन) और SI सिद्धार्थन की नींद तब उड़ती है जब गांव के बाहर एक पत्थर पर एक मुस्कुराते हुए इंसान का कटा हुआ सिर मिलता है और उस इंसान के शरीर का कोई अता-पता नहीं।
तहकीकात के दौरान यह पता चलता है कि वह सिर एक रहस्यमयी इंसान ‘मुथु’ उर्फ ‘काट्टान’ (विजय सेतुपति) का है। और यहीं से शुरू होता है असली खेल। क्योंकि मुथु के बारे में हर इंसान की एक अलग कहानी है।
कोई उसे एक महान इंसान बताता है, कोई उसे एक खतरनाक आदमी और कोई उसे एक चमत्कार। सीरीज इसी सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है कि आखिर मुथु था कौन था और उसे किसने और क्यों मारा?
डायरेक्शन में कितना है दम?
मणिकंदन का डायरेक्शन सीरीज में साफ झलकता है, जहाँ ग्रामीण तमिलनाडु की मिट्टी, बाजार, मेले और छोटे-छोटे किरदार सब कुछ बेहद असली लगता है। यहां दिखाया गया माहौल और अंधेरे रंगों वाली सिनेमेटोग्राफी सीरीज को एक अलग ही गहराई देती है। हालांकि कहानी की पेसिंग यानी रफ्तार काफी धीमी है, जो हर किसी को पसंद नहीं आएगी।
विजय सेतुपति का अंदाज:
विजय सेतुपति जो कि इससे पहले ‘Gandhi Talks’ और ‘Vikram’ जैसी फिल्मों में अपना लोहा मनवा चुके हैं,इस सीरीज में भी अपनी शांत मगर धारदार एक्टिंग से छाप छोड़ते हैं।
उनका किरदार मुथु ज्यादा बोलता नहीं, लेकिन उनकी आंखें और हाव-भाव बहुत कुछ कह देते हैं। हालांकि कुछ जगहों पर यही शांत स्वभाव थोड़ा उबाऊ भी लग सकता है।
सीरीज के पॉजिटिव पहलू:
सीरीज की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहां मुथु की कहानी अलग-अलग लोगों की जुबानी सुनाई जाती है, जो कि एक बेहद दिलचस्प कॉन्सेप्ट है।
वदिवेल मुरुगन और मुथुकुमार की जोड़ी स्क्रीन पर बेहद खट्टी-मीठी केमिस्ट्री दिखाती है, जो आपको बांधे रखती है। साथ ही राजेश मुरुगेसन का बैकग्राउंड स्कोर भी सीरीज के माहौल को और गहरा बना देता है।
बड़ी कमी जो मुझे महसूस हुई:
जब मैंने यह सीरीज देखना शुरू की तो इसका कॉन्सेप्ट देख कर उम्मीदें काफी ऊंची हो गई थीं। लेकिन जिस तरह से कई एपिसोड में कहानी बिना किसी बड़े ट्विस्ट के खिंचती चली जाती है, वह थका देने वाला है।
सीरीज़ में टाइमलाइन बार-बार बदलती है पर उनके बीच फर्क समझना मुश्किल हो जाता है, जिससे दर्शक कई बार उलझन में पड़ जाता है।
फाइनल वर्डिक्ट:
अगर आपको ‘Mirzapur’ और ‘Scam 1992’ जैसी धीमी मगर गहरी कहानियां पसंद हैं, तो Muthu Alias Kaattaan आपके लिए एक बढ़िया अनुभव साबित हो सकती है। लेकिन अगर आप तेज-रफ्तार एक्शन थ्रिलर के शौकीन हैं, तो यह सीरीज आपको निराश कर सकती है। सीरीज में कोई एडल्ट या बोल्ड सीन नहीं है।
रेटिंग: 3.5/5
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