War Machine Movie Review: जंगल में मिलिट्री और खूंखार एलियन रोबोट की जंग, देखें या छोड़ें?

नेटफ्लिक्स (Netflix) की नई हॉलीवुड साई-फाई एक्शन 'वॉर मशीन' (War Machine 2026) का पूरा हिंदी रिव्यू। एलन रिचसन स्टारर इस फिल्म में एक रेंजर टुकड़ी और खूंखार एलियन रोबोट के बीच की खतरनाक जंग दिखाई गई है। डिटेल जानने के लिए पढ़ें हमारा यह खास रिव्यू।

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March 6, 2026 6:00 PM (IST)
War Machine movie scene: Josh Brolin and soldier with giant futuristic mech walker in rocky battlefield, intense military sci-fi action

नेटफ्लिक्स, शुक्रवार 6 मार्च 2026 के दिन लेकर आया है अपनी एक नई हॉलीवुड फिल्म, जिसका नाम “वॉर मशीन” (War Machine) है। इस फिल्म के मुख्य किरदारों में- एलन रिचसन, डेनिस क्वेड, स्टेफन जेम्स, जाई कोर्टनी, एसाई मोरालेस, ब्लेक रिचर्डसन, कीनन लोंसडेल और डेनियल वेबर जैसे कलाकार दिखाई दे रहे हैं।

इस फिल्म की टोटल लंबाई 1 घंटा 50 मिनट है, तो वहीं इसका जॉनर साई-फाई और एक्शन एडवेंचर की कैटेगरी के अंतर्गत आता है। वॉर मशीन फिल्म का डायरेक्शन ‘पैट्रिक ह्यूजेस’ ने किया है, जो इससे पहले ‘द हिटमैन बॉडीगार्ड और ‘द मैन फ्रॉम टोरंटो’ जैसी दमदार फिल्में निर्देशित कर चुके हैं।

तो चलिए जानते हैं नेटफ्लिक्स की ‘वॉर मशीन’ फिल्म में कितना दम है। क्या यह दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित कर पाई या फिर नहीं? और करते हैं इस फिल्म का डिटेल रिव्यू।

वॉर मशीन फिल्म की कहानी

फिल्म शुरू होती है एक बंजर बीहड़ इलाके से जहां पर US अमेरिकन मिलिट्री की एक टुकड़ी फंसी हुई है। क्योंकि टॉमी नाम के एक सैनिक ने सेना की गाड़ी को सही करते वक्त कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे गाड़ी का रेडिएटर फट गया है।

इसी खराब गाड़ी की वजह से यह पूरी टुकड़ी रुकी हुई है, इसे सही करने के लिए तुरंत ही कोड नाम वाले नंबर 81 को बुलाया जाता है, यह किरदार ‘एलन रिचसन’ निभा रहे हैं।

हालांकि 81 का भाई, जिसका कोड नाम 15 है, यह किरदार ‘ब्लेक रिचर्डसन’ ने निभाया है। साथ ही 15 नाम का यह सैनिक 81 का सगा भाई भी है।

इन दोनों भाइयों ने ही बचपन साथ गुजारा है, बचपन में यह दोनों मिलकर खुद का एक रॉक बैंड बनाने का सपना देखते थे, पर जैसे-जैसे यह दोनों बड़े हुए, वैसे वैसे अपने सपनों को भूल गए, लेकिन नंबर 15 अब भी अपने दिल में एक ख्वाब को संजोए हुए है।

क्योंकि वह रेंजर असेसमेंट सिलेक्शन प्रोग्राम (RASP) में हिस्सा लेना चाहता है। हालांकि जब वह अपने भाई 81 से इस बारे में बात करता है तो वह RASP में जाने के प्लान को सिरे से खारिज कर देता है, क्योंकि अब उसे नहीं लगता कि वह इन सभी चीजों के लिए तैयार है, जिसकी मुख्य वजह है बढ़ती हुई उम्र।

जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है हमें 2 साल बाद की स्टोरी देखने को मिलती है, जो कि उस समय की है जब नंबर 81 अपनी RASP की ट्रेनिंग की शुरुआत करता है। यह ट्रेनिंग कैंप ‘रेंजर ट्रेनिंग बेस’ जो कोलोराडो में स्थित है।

यहां हमें पता चलता है कि नंबर 81 पिछले चार बार सेवा में भर्ती के लिए किए गए मेडिकल में फेल हो चुका है जिस वजह से इस बार नंबर 81 के पास आखिरी मौका है।

लेकिन फिर भी उम्र में काफी बड़ा होने की वजह से ट्रेनिंग कैंप में मौजूद सीनियर सार्जेंट उसे इस नई टुकड़ी का टीम लीडर यानी E6 बनाना चाहते थे, हालांकि नंबर 81 इस पद को लेने से इनकार कर देता है, यही वजह है कि उसे कोड नेम 81 दे दिया जाता है।

इस ट्रेनिंग की शुरुआत में ‘डेथ मार्च’ नाम की अंतिम प्रतियोगिता के बारे में भी पता चलता है। जो सबसे आखिर तक पहुंचने वाले लोगों के लिए बनाई गई है और यह सबसे कड़ी परीक्षा भी मानी जाती है। इसे खत्म करने वाले लोग ही ‘यूनाइटेड स्टेट आर्मी रेजीमेंट’ का हिस्सा बन सकेंगे।

यहीं पर एक सीन ऐसा भी आता है जब हमें नंबर 81 के पास्ट एक्सपीरियंस के बारे में पता चलता है, जहां पता चलता है कि वह: ’12 ब्रावो कॉम्बैट इंजीनियर 213th CSSB थर्ड ब्रिगेड डिवीजन स्पार्टनस’ में काम कर चुका है। साथ ही नंबर 81 को सिल्वर स्टार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

लेकिन एक काफी दुखी चीज भी है जो कि यहां पर पता चलती है कि 81 अब अपने छोटे भाई 15 को खो चुका है क्योंकि अब वो इस दुनिया में नहीं रहा।
इसी दौरान फिल्म की कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, इस कठिन ट्रेनिंग के आखिरी चरण की ओर आ जाती है।

जहां इस बची हुई टुकड़ी को एक जंगल में जाकर अपने एक मिशन को कंप्लीट करना है। हालांकि अगर इनमें से किसी भी रेंजर से एक भी गलती हुई तो यह पूरा मिशन ही फेल मान लिया जाएगा।

हालांकि यह टुकड़ी इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि जंगल में किसी और के अलावा कुछ और भी ऐसा अजीबोगरीब मौजूद है जो इन सभी की जान का दुश्मन बनने वाला है। लेकिन वह कोई इंसान नहीं है वह एक मशीन है या फिर यूं कहें कि किसी तरह का एलियन रोबोट।

अब क्या इस टुकड़ी का, RASP रेंजर बनने का सपना पूरा हो पाएगा?

क्या यह जानलेवा एलियन रोबोट सभी लोगों की जान ले लेगी?

या फिर यह घातक एलियन रोबोट इस ट्रेनिंग का ही एक हिस्सा है?

इन सभी बड़े सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी फिल्म वॉर मशीन, जिसे आप नेटफ्लिक्स ओटीटी पर इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी देख सकते हैं।

डायरेक्शन और तकनीकी पहलू

फिल्म वॉर मशीन का निर्देशन पैट्रिक ह्यूजेस ने किया है जो इससे पहले ‘द हिटमैन’ और ‘बॉडीगार्ड’ जैसी फ़िल्में और सीरीज का निर्देशन कर चुके हैं। हालांकि जिस तरह से उन्होंने इस साई-फाई जॉनर के अंतर्गत बनी फिल्म को डायरेक्ट किया है वह काफी बढ़िया है।

बात करें फिल्म के तकनीकी पहलुओं की तो इसकी स्टोरी के लगभग सभी सीन्स को जंगल में ही शूट किया गया है, जिस वजह से स्क्रीन पर काफी हरियाली महसूस होती है जो आंखों को ठंडक देती है। हालांकि फिल्म में दिखाए गए एक्शन सीक्वेंस जंगल के दृश्यों के साथ मिलकर और भी माहौल जमा देते हैं।

फिल्म के कमजोर पक्ष

वॉर मशीन फिल्म के फर्स्ट हाफ में काफी हद तक ट्रेनिंग कैंप और ट्रेनिंग के दौरान होने वाली एक्टिविटीज को दिखाया गया है, और मुझे लगता है इसे थोड़ा कम दिखाया जाना चाहिए था। क्योंकि अधिकतर दर्शकों को इस फिल्म में दिखाई गई एलियन मशीन और एक्शन सीक्वेंस ही देखने होंगे। हालांकि यह निर्देशक की एक स्ट्रेटजी भी हो सकती है ताकि ऑडियंस को स्टोरी के बारे में अच्छे से समझाया जा सके।

फिल्म में जिस तरह से एलियन रोबोट वाली वॉर मशीन को दिखाया गया है, उसे देखकर मुझे ऐसा महसूस हुआ कि, बाहरी रूप से इस मशीन को और भी ज्यादा खतरनाक बनाया जाना चाहिए था। क्योंकि अगर यह मशीन टर्मिनेटर फिल्म के विलेन जैसी नजर आती, तो कहानी की पकड़ और भी बेहतर हो सकती थी।

क्योंकि यह एक स्पेशल फोर्सेज वाली ट्रेनिंग के दौरान घटित हुई घटना पर बनी फिल्म है, जिस वजह से इसकी कहानी में किरदारों के नाम कोड वर्ड में देखने को मिलते हैं, जो कि स्वाभाविक है। हालांकि इन सभी कोड वर्ड की वजह से नॉर्मल दर्शकों के लिए इन सभी कैरेक्टर्स के नाम को याद रखना थोड़ा सा कॉम्प्लिकेटेड यानी कठिन हो जाता है।

क्यों देखें फिल्म वॉर मशीन: पॉजिटिव पॉइंट्स

फिल्म की सबसे अच्छी चीज जो मुझे पर्सनली पसंद आई वह थी वॉर मशीन का बैकग्राउंड म्यूजिक। यकीन मानिए इसका बीजीएम काफी तगड़ा है जैसे कि वह सभी सीन जब वह हमलावर एलियन रोबोट स्क्रीन पर नजर आता है।

वॉर मशीन फिल्म की लंबाई को 2 घंटे के भीतर रखा गया है और मुझे लगता है यह मेकर्स द्वारा लिया गया एक दमदार फैसला साबित होता है।

क्योंकि लंबाई कम होने की वजह से फिल्म के स्लो सीन भी फास्ट महसूस होते हैं। यही वजह है कि इसको देखते वक्त आपको बिल्कुल भी बोरियत महसूस नहीं होती।

नंबर 81 के किरदार में नजर आए एक्टर ‘एलेन रिचसन’ की एक्टिंग फिल्म में लाजवाब है। हालांकि यह पहली बार नहीं बल्कि इससे पहले भी एलेन साल 2015 में आई फिल्म ‘लेज़र टीम’ में भी नजर आ चुके हैं,

जो इसी प्रकार की कहानी पर बेस्ड थी। इसके अलावा भी एलेन ने ‘रीचर’ और ‘घोस्ट ऑफ़ वॉर’ जैसी फिल्मों में भी काम किया हुआ है। और मुझे लगता है यही वजह है कि इतनी सारी फिल्मों में काम करने की वजह से वह पूरी तरह एक्टिंग में मंझ चुके हैं।

फिल्म में एक काफी अच्छा कॉमेडी मोमेंट भी देखने को मिलता है, जब इसके शुरुआती सीन में नंबर 15 द्वारा एक डायलॉग बोला जाता है जहां वह कहता है कि RASP रेंजर बनने के बाद वह सबसे पहले 2 चीजों के बारे में पता करेगा-

1- एलियन होते हैं या फिर नहीं, 2- मून लैंडिंग असली थी या नकली। यकीन मानिए फिल्म का यह सीन काफी मजाकिया है, जिससे सभी दर्शक काफी अच्छे से रिलेट कर सकेंगे।

निष्कर्ष: देखें या छोड़ें

अगर आप उस तरह के दर्शक हैं जिन्हें साइंस फिक्शन या फिर एलियन वाली फिल्में देखना पसंद है, तब आप फिल्म ‘वॉर मशीन’ को जरूर रिकमेंड कर सकते हैं।

यहां आपको टर्मिनेटर फिल्म जैसा तकनीकी तालमेल देखने को मिलता है तो वहीं दूसरी ओर फिल्म वर्ल्ड वॉर Z जैसा एक्शन भी। फिल्म में कोई भी एडल्ट सीन नहीं है, जिस वजह से आप इसे फॅमिली के साथ भी बेझिजक देख सकते हैं।

रेटिंग: 3.5/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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