अमेज़न प्राइम वीडियो पर प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ़‘ फिल्म को 25 फरवरी 2026 से रिलीज़ कर दिया गया है, जो कि हिंदी भाषा में भी उपलब्ध है। यहाँ प्रियंका चोपड़ा जोनस, कार्ल अर्बन, इस्माइल क्रूज़ कॉर्डोवा, सफिया ओकली-ग्रीन और टेमुएरा मॉरिसन जैसे कलाकार दिखाई दे रहे हैं।
एक घंटा 43 मिनट के रनिंग टाइम वाली यह फिल्म क्या आपके देखने लायक है या नहीं? आइए जानते हैं अपने इस आर्टिकल के माध्यम से।
फिल्म की बेसिक कहानी
द ब्लफ़ शुरू होती है 1846 से जहाँ कैरेबियन का एक छोटा सा द्वीप दिखाया गया है। इस द्वीप पर रहती है एर्सल (Ercell) यानी कि प्रियंका चोपड़ा। इनका एक बेटा और ननद (पति की बहन) भी इन्हीं के साथ इस द्वीप पर अकेले रहते हैं।

बाहर से साधारण दिखने वाली यह महिला अंदर से उतनी ही कठोर है, इसका बेटा चल नहीं सकता है। प्रियंका चोपड़ा का पति समुद्री जहाज चलाता है, पर काफी वक्त से वह घर वापस नहीं आया।
एक दिन अचानक कुछ लोग प्रियंका चोपड़ा के घर पर दस्तक देते हैं और कहते हैं कि तुम्हारा पति हमारे कब्जे में है, और जो तुम लोगों ने सोना चुराया था वह हमें वापस चाहिए।
अब किस तरह से प्रियंका अपने परिवार की हिफाजत करती है आखिर यह सोने का मैटर क्या है और प्रियंका चोपड़ा की असलियत क्या है क्या वह और उसका पति एक समुद्री डाकू हुआ करते थे या फिर कुछ और यह सब कहानी में आगे जानने को मिलेगा।
कहानी सिर्फ तलवार और खून की नहीं यह एक ऐसी दबी हुई औरत की कहानी को दिखाती है जिसके परिवार पर जब मुसीबत आती है तो वह शेरनी बन जाती है।
जिन दर्शकों को एडवेंचर-एक्शन फिल्में देखने का बहुत शौक है, उनके लिए यह फिल्म होली के गिफ्ट के जैसी है। माँ की ताकत जानना है तो एक बार इस फिल्म को देखना जरूरी होगा, जो कहीं-कहीं पर दिल और आँखों को नम कर देती है।
प्रियंका हैं इस फिल्म की जान
प्रियंका चोपड़ा द ब्लफ़ फिल्म की जान हैं। जो दर्शक प्रियंका चोपड़ा को नापसंद भी करते हैं, उन्हें भी इस फिल्म को देखने के बाद इनसे प्यार हो जाएगा। प्रियंका चोपड़ा को जिस तरह से यहाँ पर तलवार घुमाते और अपने परिवार को बचाते, खूंखार घायल शेरनी के जैसा दिखाया गया है, वह सच में इस फिल्म का एक स्ट्रॉन्ग पिलर है।

मुझे जो इस फिल्म में सबसे बड़ा प्लस पॉइंट लगा, वह है इसके ‘ब्रूटल’ सीन्स। तलवारों के द्वारा की गई लड़ाई इसे और फिल्मों से अलग बनाती है। फिल्म का दूसरा स्ट्रॉन्ग पॉइंट है एक माँ की ताकत, जो अपने बच्चों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है, वह औरत जिसे सालों-साल दबाया गया था।
मेरी राय फिल्म के बारे में
मुझे एक्शन-थ्रिलर एडवेंचर फिल्में हमेशा से पसंद आती हैं। कहानी बहुत बड़ी नहीं है, एक छोटे से ही हिस्से को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है। पूरी फिल्म की जान प्रियंका चोपड़ा को बोला जा सकता है।
शायद ही मैंने द ब्लफ़ से पहले प्रियंका का ऐसा खून-खराबे से भरा हुआ एक्शन किसी और फिल्म में देखा होगा। यहाँ वह एक मजबूर महिला के रूप में नहीं, बल्कि मजबूत महिला के रूप में दिखाई गई हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि सभी एक्शन सीक्वेंस एकदम रियल फील कराते हैं।

फिल्म के एक सीन में पानी के अंदर आदमखोर मगरमच्छ दिखाए गए हैं, वह सीन काफी डरावना था। कार्ल अर्बन यहाँ पर विलेन की भूमिका में हैं और हमारे बॉलीवुड में कहावत है कि अगर हीरो को मजबूत दिखाना है, तो विलेन भी उतना ही दमदार होना चाहिए ऐसा ही कुछ इस फिल्म में भी है।
प्रोडक्शन बजट काफी ज्यादा है। अगर इसे सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जाता तो यह अच्छा कलेक्शन करती। फिल्म के अंदर दिखाए गए जितने भी सीन समुद्र, जंगल और जहाज के हैं, वह सभी एकदम रियल फील देते हैं।
कहानी को देखते हुए यहाँ कुछ भी ऐसा नया नहीं दिखाया गया जो कि इससे पहले हमने किसी वेब सीरीज या फिल्म में ना देखा हो। अगर इसे थोड़ा और नए तरीके से गढ़ा जाता तो और मजा आता।
पूरी फिल्म दो लोगों पर फोकस करती है प्रियंका और कार्ल अर्बन पर। बाकी एक्टरों पर बिल्कुल भी मेहनत नहीं की गई। बहुत तेजी के साथ यह फिल्म आगे बढ़ती है जहाँ पर एक्शन को भी बहुत स्पीड के साथ शूट किया गया है।
द ब्लफ़ फिल्म उन दर्शकों को बहुत पसंद आएगी जिन्हें ब्रूटालिटी से भरी हुई और तेजी के साथ चलने वाली फिल्में अच्छी लगती हैं।
फ्रैंक ई. फ्लावर्स का मजबूत निर्देशन
द ब्लफ़ का निर्देशन फ्रैंक ई. फ्लावर्स ने किया है। उन्होंने तेजी के साथ चलते हुए एक्शन सीन और प्रियंका की एक्टिंग को जबरदस्त और परफेक्ट टाइमिंग के साथ दिखाया है। यहाँ दिखाए गए सभी ‘चेज़ सीन’ बिल्कुल भी बोर नहीं करते।
निर्देशक ने पूरी फिल्म का फोकस प्रियंका चोपड़ा पर ही रखा है। उनकी बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशंस और ब्रूटल स्टंट सीन एकदम टाइट हैं, जो समुद्री एडवेंचर की फील देते हैं।
रेटिंग 4/5 स्टार
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