Crime 101 Review in Hindi: जब क्रिमिनल और डिटेक्टर दोनों हो एक ही टक्कर के तो किसकी होगी जीत जानने के लिए देखें ये फिल्म

Crime 101 Review: क्रिस हेम्सवर्थ और मार्क रफैलो की 'क्राइम 101' रिलीज हो गई है। लॉस एंजिल्स की गलियों में बुनी यह रियलिस्टिक हाइस्ट थ्रिलर क्या आपका दिल जीत पाएगी? पढ़ें रिव्यू।

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February 14, 2026 12:19 PM (IST)
Crime 101 Review in Hindi

लॉस एंजिल्स कैलिफोर्निया की गलियों में शूट की गई एक फिल्म, जिसकी पूरी कहानी जानने के लिए आपको 2 घंटा 19 मिनट का समय देना होगा अमेजॉन एमजीएम स्टूडियो प्रोडक्शन हाउस के द्वारा इस फिल्म को बनाया गया है।

जिसका नाम है क्राइम 101। इंग्लिश लैंग्वेज में बनी यह फिल्म इंडियन थिएटर्स में इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी लैंग्वेज में भी 13 फरवरी 2026 को रिलीज कर दी गई है।

क्राईम और थ्रिलर के साथ-साथ यह फिल्म हाईस्ट ड्रामा भी प्रोवाइड करती है। फिल्म को डायरेक्शन दिया है ‘बार्ट लेटन’ ने और उनके सह लेखन में कहानी लिखी है ‘डॉन विंसलो’ ने।

कौन हैं मुख्य कलाकार:

इंग्लिश लैंग्वेज में बनी इस फिल्म में आपको कई बड़े कलाकार देखने को मिलेंगे जिसमें पहला नाम क्रिस हेम्सवर्थ का है जिन्हें आपने थोर, लोकी, ट्रू स्टोरी और ट्रांसफॉमर्स वन जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिका में देखा है।

इनकी दमदार एक्टिंग की वजह से इनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है जो एक बार फिरसे इनकी एक्टिंग को देखने के लिए बेकरार है। फैंस के लिए बड़ी खुश खबरी है एक बार फिर क्रिस हैम्सवर्थ, डेविस के रोल मे नज़र आरहे हैं।

इनके साथ और भी कई बेहतरीन कलाकार हैं जैसे मार्क रफैलो डिटेक्टर लौ का रोल निभाते हुए बैरी केओघन, हैली बैरी के कैरेक्टर में शेरोन और मोन के रोल मे और पीटर बनिफ़ाज़, बैन हद्दद की भूमिका निभाते हुए देखने को मिलेंगे।

क्राइम 101 स्टोरी :

फिल्म की कहानी की शुरुआत से ही आपको कई तरह की रॉबरी देखने को मिलेंगी, लेकिन इन सभी चोरियों मे सबसे ज़्यादा कॉमन ये है कि ज़्यादातर चोरियों के बाद चोरों के द्वारा कोई न कोई क्लू छोड़ा जाता है। भले ही वो गलती से होता है लेकिन इन सभी चोरियों के बाद कोई भी क्लू नहीं मिलता है।

सारी चोरियाँ बहुत बड़ी बड़ी हैं लेकिन उसके पीछे किसका हाथ है ये जानना बहुत मुश्किल है। फिल्म मे क्रिस हेम्सवर्थ एक चालाक और अनट्रेसेबल ज्वेल थीफ की भूमिका मे है जो बड़ी बड़ी चोरियाँ करता है, लेकिन सभी चोरियाँ किसी मैन्युअल की मदद से की जा रही हैं,

और ये लोग किसी कोड का यूज़ कर रहें है जिसे क्राइम 101 कहा गया है और यही वजह है कि डिटेक्टर मार्क रफैलो को इन चोरों को पकड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है।

लेकिन फिल्म की कहानी मे कई ट्विस्ट और टर्न्स आते है जब एक इंश्योरेंस ब्रोकर की वजह से कहानी एक दम नया मोड़ ले लेती है। क्या डिटेक्टर इन चोरियों के पीछे किसका हाथ है यह पता लगाने में कामयाब रहेगा या नहीं ये सब जानने के लिए आपको इस फिल्म को देखना होगा।

कैसी है फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी:

प्रोडक्शन वाईज़ यह एक बहुत ही बेहतरीन फिल्म है, जिसकी कहानी को बहुत ही रियलिस्टिक वे में लिखा गया है। फिल्म का एग्जीक्यूशन भी इस तरह से किया गया है कि यह फिल्म बिल्कुल रियल फील हो। बात करें अगर एक्टर्स की एक्टिंग की तो सभी ने बहुत ही अच्छी परफॉर्मेंस दी है।

सिनेमैटोग्राफी के मामले में यह बहुत ही बेहतरीन फिल्म है। क्योंकि ये एक बड़े बजट में बनी फिल्म है, तो जाहिर सी बात है कि प्रोडक्शन के मामले में इसमें कोई भी कमी देखने को नहीं मिलेगी। सभी टेक्निकल एक्सपेक्ट पर यह फिल्म खरी उतरती है।

पॉसिबल और रियलिस्टि स्टंट्स के साथ बनाई गई फिल्म :

ठीक उसी तरह इस फिल्म में भी मिशन को इस तरह से एग्जीक्यूट किया गया है, जो देखने में बिल्कुल भी इंपॉसिबल ना लगे और यही वजह है की फिल्म की कहानी पूरी तरह से रियलिस्टिक फील देती है।

फिल्म की कहानी सुपर हीरो टाइप न फील होकर आपको एक नॉर्मल इंसान की तरह फील देगी। इस फिल्म में आपको ‘क्रिस हेम्सवर्थ’ की बाकी फिल्मों की तरह कुछ भी यूनीकनेस या फिर हाई लेवल का देखने को नहीं मिलेगा।

क्योंकि इसमें जो कुछ भी दिखाया गया है उसे आप पहले ही एक्सपीरियंस कर चुके हैं लेकिन बस एग्जीक्यूशन का तरीका बहुत ही बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है जिसकी वजह से आप इस फिल्म से लास्ट तक जुड़े रहना चाहेंगे।

किन लोगों के लिए बनी है यह फिल्म?

जिन लोगों को रियलिस्टिक फिल्में देखना पसंद है, जो उन्हें ग्राउंडेड चीज़ें प्रोवाइड करें और कहानी को बहुत ज्यादा बढ़ा चढ़ा कर ना दिखाएं तो यह फिल्म उन लोगों को पूरी तरह से टारगेट करती है। कहानी में जो कुछ भी दिखाया गया है वह आपको एकदम रियल फील होगा।

अच्छे एग्जीक्यूशन के साथ कहानी को पेश किया गया है, लेकिन फिल्म की पेसिंग बहुत ज्यादा स्लो रखी गई है। कहानी शुरुआत से ही बहुत ज्यादा इंटरेस्टिंग चलती है जो सेकेंड हाफ तक आपको पूरी तरह से इंगेज करके रखेगी।

लेकिन जब थर्ड हाफ में फिल्म की कहानी पहुंचती है, तो पूरी तरह से प्रिडिक्टेबल हो जाती है आगे क्या होने वाला है यह आपको पहले से ही पता लग जाएगा लेकिन फिर भी इंगेजिंग पावर बहुत ज्यादा मजबूत है जिसकी वजह से आप कहानी से जुड़े रहेंगे।

निष्कर्ष:

जिन लोगों को क्राईम थ्रिलर के साथ एक्शन फिल्में देखना पसंद हैं, उन्हें इस फिल्म में एक्शन की थोड़ी कमी महसूस होगी। लेकिन अगर आपको रियलिस्टिक चीज़े देखना पसंद है जो धीरे-धीरे स्लो पेस के साथ आगे बढ़े तो ये फिल्म आपके लिए है।

साथ ही अगर आप क्रिस हेम्सवर्थ के बड़े फैन हैं, तो थिएटर्स मे इसे देख सकते है नहीं तो ओटीटी रिलीज़ तक वेट करके बाद मे फिल्म को एन्जॉय करें।

रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स

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  • arshi khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं आर्शी खान हूँ, एंटरटेनमेंट डेस्क की विशेषज्ञ, मैंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है, साथ ही मुझे सहारा न्यूज़ चैनल के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम का अनुभव भी रहा है। यहाँ बॉलीवुड हो या नेटफ्लिक्स-अमेज़न, हर कंटेंट की सच्चाई और क्राफ्ट पर मेरी पैनी नजर रहती है।

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