Joe’s College Road Trip Review: गालियों से भरी दादा-पोते की रोड ट्रिप, नेटफ्लिक्स की ये नई फिल्म देखें या नहीं? सच जानें

Joe's College Road Trip Movie Review: एक पिता जो बेटे को 'काले' कॉलेज में भेजना चाहता है। कॉमेडी और गंभीर मुद्दों का अनोखा मेल। जानें 'जोस कॉलेज रोड ट्रिप' फिल्म आपको क्यों देखनी चाहिए।

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February 14, 2026 8:31 AM (IST)
Joe's College Road Trip Movie Review in hindi

क्या अमेरिका में सच में अब भी रेसिज़्म होता है? और क्या गोरे लोग अभी भी उसी पुरानी सोच को फॉलो करते हैं? इस सवाल का पता लगाना तो हमारा काम नहीं है लेकिन रिसेंटली नेटफ्लिक्स की एक नई फिल्म जिसका नाम “जोस कॉलेज रोड ट्रिप” (Joe’s College Road Trip) है, रिलीज हुई।

फिल्म के मुख्य कलाकारों में ‘टायलर पेरी, जर्मेन हैरिस’ जैसे कलाकार देखने को मिलते हैं। इस मूवी की टोटल लंबाई 1 घंटा 51 मिनट के करीब है। और इसका डायरेक्शन भी टायलर पेरी ने ही किया है। तो चलिए जानते हैं कैसी है यह नेटफ्लिक्स की नई फिल्म और करते हैं इसका रिव्यु।

फिल्म की कहानी

मूवी की स्टोरी शुरू होती है एक हंसी खुशी वाले परिवार से जिसका मुखिया है ‘ब्रायन’ (Tyler Perry) और इनका एक बेटा भी है जिसका नाम बी.जे (Jermaine Harris) है, वह पढ़ाई में हमेशा टॉप पर रहता है लेकिन उसे अस्थमा की बीमारी भी है।

साथ ही ब्रायन के मम्मी और पापा भी अभी जिंदा है, जिनके नाम ‘जो’ और ‘मडिया’ हैं। हालांकि मैं आपको बता दूं, यह जो और मडिया वाला किरदार भी टायलर पेरी ने ही निभाया है।

लेकिन सबसे मजे की बात तो यह है कि ब्रायन के बेटे बी.जे के ज्यादातर दोस्त गोरे रंग वाले हैं। यही वजह है कि दादा जो, बी.जे के दोस्तों को ‘झाग’ कहकर बुलाते हैं जिसका मतलब है ‘सफ़ेद गोरे लोग’। वहीं दूसरी तरफ मडिया है जो रोज गोभी की सब्जी बनाती हैं।

लेकिन कहानी एक नया मोड़ लेती है क्योंकि अब ब्रायन काफी टेंशन में आ गया है, क्योंकि उसका बेटा बी.जे जल्दी ही कॉलेज जाने वाला है और उसने अपने बेटे और उनके दोस्तों के बीच उन बातों को सुना जो ब्रायन को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई। जैसे की उन सभी का मानना था कि अब काले और गोरे में कोई भी फर्क नहीं है।

यही वजह है कि बी.जे को ‘मलिबू के पेपरडाइन कॉलेज में पढ़ना है, हालांकि पिता ब्रायन ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहते क्योंकि उन्हें लगता है कि बी.जे के लिए सबसे अच्छा कॉलेज ‘मोरहाउस कॉलेज’ है। क्योंकि इस कॉलेज को पुराने समय में सिर्फ अमेरिका के ब्लैक लोगों के लिए ही बनाया गया था।

वहीं दूसरी ओर ब्रायन के सोसाइटी यानी ब्लॉक में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया गया है जहां, सोसाइटी में रहने वाले उन सभी बच्चों को सम्मानित किया जाएगा जो हाई स्कूल पास करके कॉलेज में दाखिला लेने वाले हैं। हालांकि बाद में पता चलता है कि ब्रायन को इस पार्टी के लिए भी 1600 डॉलर का शुल्क देना होगा।

इसी बीच ब्रायन की मुलाकात अपने पड़ोसी दोस्त ‘गैरेट’ से होती है, और गैरेट भी यह पार्टी देख कर काफी खुश होता है, लेकिन बी.जे के साथ उन पुराने दिनों को भी याद दिलाते हैं जब बचपन में बी.जे स्कूल में बीमार हो गया था और उसे स्कूल वालों ने अलग थलग कर दिया था।

और अगर मैं सीधे शब्दों में कहूं तो ब्रायन के दोस्त गैरेट की भी वही सोच है जो ब्रायन की है। क्योंकि उसे भी लगता है कि भले ही बी.जे पढ़ाई में अव्वल हो लेकिन फिर भी उसे कहीं ना कहीं अपने रंग की वजह से रेसिज़्म झेलना पड़ा है और आगे भी उसके साथ ऐसा ही होता रहेगा।

यह सब सुनकर ब्रायन को थोड़ी खुशी तो मिलती है लेकिन वह अभी अपने बेटे के लिए काफी चिंतित है। अपनी चिंता को मिटाने के लिए वह भागा-भागा अपनी मां के पास जाता है और माँ मडिया से सॉल्यूशन मांगता है, की किस तरह से बी.जे को उस गोरे लोगों वाले कॉलेज में एडमिशन लेने से रोका जाए।

पूरी बात सुनकर मडिया एक प्लान बनाती हैं, जिसके तहत ब्रायन द्वारा बी.जे को यह यकीन दिलाना होगा कि जल्द ही उसके दादा जो मरने वाले हैं।

और मरने से पहले वह एक बार बीजे के साथ ‘कैलिफोर्निया’ रोड ट्रिप पर जाना चाहते हैं, इस रोड ट्रिप पर जाने का मेन मकसद यह है कि बीजे को इस बात का एहसास दिलाया जाए की अमेरिका में अभी रेसिज़्म जिंदा है, और बीजे को काले लोगों वाले कॉलेज में ही एडमिशन लेना चाहिए।

हालांकि बीजे के दादा जी को वह टेस्ला वाली इलेक्ट्रिक कार बिल्कुल भी पसंद नहीं है जिससे वह ट्रिप पर जाने वाले हैं। जिस वजह से वे खुद अपनी ही ‘फॉसिल फ्यूल’ से चलने वाली विंटेज कार से जाने का मन बनाते हैं।

हालांकि बीजे इस कार को देखकर काफी डरा हुआ है, क्योंकि इसके अंदर एक असली लेदर की बेल्ट रखी हुई है, जो जानवर की खाल से बनी है। साथ ही इसमें एक बड़ी सी पुराने जमाने की शॉटगन भी रखी है और ट्रिप के दौरान दादा द्वारा बीजे का मोबाइल भी फेंक दिया जाता है।

अब क्या दादा और पोता बीजे अपनी इस ट्रिप को सही सलामत खत्म कर पाएंगे? और क्या ट्रिप खत्म होते-होते बीजे का दिमाग काले और गोरों के बीच होने वाले भेदभाव की इस बात को मान लेगा? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए आपको देखनी होगी यह फिल्म।

कैसा है Tyler Perry का निर्देशन

टायलर पेरी (Tyler Perry) जिन्होंने ‘जोस कॉलेज रोड ट्रिप’ नाम की इस फिल्म को डायरेक्ट किया है साथ ही फिल्म में तीन तरह के किरदारों को निभाया है। बात करें अगर टायलर के निर्देशन की, तो यह मुझे अच्छा लगा। खासकर वह दृश्य जब टायलर दादा के रूप में अपने बेटे ब्रायन और पोते बीजे को गालियां देते हैं, जिसे सुनकर दर्शकों की हंसी छूट जाएगी।

फिल्म के तकनीकी पहलू

क्योंकि इस फिल्म की अधिकतर कहानी रोड ट्रिप पर बेस्ड है, जिसमें कैलिफोर्निया का सुंदर माहौल और वहां के बढ़िया नज़ारों के साथ-साथ वहां के पब्स और बार्स को दिखाया गया है, जो देखने में एकदम असली फील देता है। यहां असली से मेरा मतलब है कि, जैसे मानो आप खुद ही वहां मौजूद हों।

फिल्म की कलर ग्रेडिंग काफी क्रिस्प और वाइब्रेंट रखी गई है जिसकी वजह से हर एक सीन काफी सुंदर दिखाई देता है। साथ ही कई सारे बेहतरीन सीन आसमानी सतह यानी ऊपर से वाइड एंगल में दिखाई देते हैं।

फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स

‘जोस कॉलेज रोड ट्रिप’ फिल्म की शुरुआत और फर्स्ट हाफ थोड़ा स्लो महसूस हो सकता है, क्योंकि इसकी कहानी बिल्ड अप होने में थोड़ा समय लेती है।

फिल्म में बहुत सारी गालियों का उपयोग किया गया है और यह सभी गालियां, दादा जी वाले किरदार द्वारा दी गई हैं। जिस वजह से इसे फैमिली के साथ तो बिल्कुल भी नहीं देखा जा सकता।

फिल्म के फर्स्ट हाफ में बी.जे और उसके माता-पिता के बीच कई सारे सीन दिखाए गए हैं, जिसमें लंबी-लंबी कन्वर्सेशन एक ही जगह पर बैठकर की गई हैं। जिस वजह से फिल्म का यह हिस्सा मुझे थोड़ा कमजोर लगा। क्योंकि इन तीनों के बीच लंबी-लंबी बातचीत कभी-कभी बोरिंग लगने लगती है।

कुछ दृश्य में फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी थोड़ी कमजोर लग सकती है, हालांकि यह उतनी भी नहीं जो आपका इस फिल्म को देखने का मजा खराब कर दे।

फिल्म के पॉजिटिव पॉइंट्स

“जोस कॉलेज रोड ट्रिप’ फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है, कि इसकी कहानी एक काफी अच्छा संदेश देना चाहती है जो कि अमेरिका में रह रहे काले लोगों के साथ रेसिज़्म पर खुलकर बात करती है। और इस बात को स्पष्ट रूप से बताने की कोशिश करती है कि अब इस नए जमाने में इस तरह का रेसिज़्म यानी काले और गोरे लोगों के बीच का भेदभाव एक्जिस्ट नहीं करता है।

फिल्म की अगली खूबी है इसके डायरेक्टर Tyler Perry की एक्टिंग, जिन्होंने डायरेक्शन के साथ-साथ तीन तरह के किरदारों की कमान भी संभाली है और यकीन माने इन तीनों ही किरदारों में बढ़िया एक्टिंग की है।

खासकर Tyler Perry का वह दादाजी ‘जो’ वाला किरदार तो लाजवाब है, जहां उसके मुंह से निकली गालियां भी दर्शकों की हंसी का सबब बन जाएंगी। साथ ही दादाजी का वह अंदाज जिसमें वह नए लोगों को बिल्कुल बेवकूफ समझते हैं। क्योंकि उनके अनुसार नए जमाने के लोग सिर्फ मोबाइल में घुसे रहते हैं साथ ही डाइटिंग का ख्याल रखने के चक्कर में कुछ भी खाते रहते है।

फिल्म में एक बहुत ही इंटरेस्टिंग और मजाकिया सीन आता है, जिसमें दादा और पोते दोनों एक क्लब में जाते हैं। और यहां जाने पर जिस तरह से बीजे, क्लब में मौजूद चीजों का इस्तेमाल करने के लिए मना करता है, इसे देखकर आप हंस हंस कर लोटपोट हो जाएंगे।

निष्कर्ष: फिल्म को देखें या छोड़ें

अगर आप इस वीकेंड कुछ हंसी मजाक से भरपूर बढ़िया कॉमेडी और फैमिली ड्रामा फिल्म देखना चाहते हैं तब आप “जोस कॉलेज रोड ट्रिप” फिल्म को जरूर रिकमेंड कर सकते हैं जो की नेटफ्लिक्स पर हिंदी डबिंग के साथ उपलब्ध है।

रेटिंग: 3.5/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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