Tu Yaa Main Movie Review: मगरमच्छ ने प्यार को निगलने की कोशिश… क्या बचेगा ये कपल?

Tu Yaa Main Movie Review in Hindi: शनाया कपूर और आदर्श गौरव की नई फिल्म में दो इन्फ्लुएंसर्स का प्यार एक बंद होटल के स्विमिंग पूल में मगरमच्छ से सर्वाइवल फाइट में बदल जाता है। रोमांचक थ्रिलर, मजेदार एक्टिंग और क्लास डिफरेंस वाली कहानी। क्या वे बच पाएंगे?

Authors
February 13, 2026 11:07 AM (IST)
Tu Yaa Main movie review in hindi

Tu Yaa Main 2026 Review: फिल्म की शुरुआत एक ऐसे गोवा के इलाक़े से होती है, जहाँ सुनसान होने की वजह से ज्यादातर कपल्स या दोस्तों के ग्रुप जाया करते थे। कहानी तीन दोस्तों के एक ग्रुप से शुरू होती है, जिनमें से दो लड़के और एक लड़की है। लड़की का नाम ‘सुनूं’ है, वहीं इसके दो दोस्तों का नाम फिल्म में नहीं बताया गया है।

ये तीनों दोस्त इस टापू पर जाते हैं और जमकर शराब पीकर पार्टी करते हैं। अगली सुबह लड़की मजाक मजाक में पास में मौजूद एक झील में नहाने के लिए कूद जाती है। इसके बाद बाकी दोनों दोस्तों के हाथ में सिर्फ उस लड़की का कटा हुआ हाथ आता है।

तू या मैं फिल्म की स्टोरी

इस फिल्म के दोनों मुख्य कलाकार अवनी शाह (शनाया कपूर) और मारुति कदम (आदर्श गौरव)। मारुति जो कि ‘नालासोपारा’ का रहने वाला है, वह खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से ज्यादा ‘रील कंटेंट क्रिएटर’ कहलवाना पसंद करता है।

Tu Yaa Main movie review
IMAGE CREDIT: Tu Yaa Main Trailer

वहीं दूसरी ओर अवनी भी एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्लॉगर और क्रिएटर है। भले ही ये दोनों किरदार अपने अपने काम को शिद्दत से करते जा रहे हैं, फिर भी इन दोनों को एक ऐसे वायरल वीडियो की तलाश है, जो इन्हें रातों रात दुनिया भर में फेमस कर दे।

इन दोनों का फैन बेस काफी अलग है, क्योंकि मारुति मुंबई के एक चॉल वाले गरीब इलाके से आता है और रैप वीडियो बनाने में काफी रुचि रखता है, जिस वजह से उसे अधिकतर मिडिल क्लास लोग फॉलो करते हैं। वहीं दूसरी ओर अवनी है जोकि हाई सोसाइटी से आती है और इसके फॉलोअर्स भी अमीर तबके वाले हैं।

इसी बीच एक ऐसा दिन आता है जब मारुति अपना शॉर्ट रील वीडियो शूट करने के लिए अच्छी लोकेशन की तलाश करते करते अवनी के बंगले तक पहुंच जाता है। यहीं पर ये दोनों पहली बार आपस में मिलते हैं और धीरे धीरे मारुति एक पार्टी में सिंगिंग कॉम्पिटिशन को जीतकर अवनी का दिल जीत लेता है।

आगे चलकर इन दोनों की नजदीकियां इस कदर बढ़ती हैं कि अवनी प्रेग्नेंट हो जाती है। हालांकि अवनी के दोस्तों द्वारा मारुति को समझाने की कई बार कोशिश की जाती है, कि अवनी काफी अमीर फैमिली से है और मारुति काफी गरीब है, इसलिए इन दोनों का मेल बिल्कुल भी नहीं हो सकता।

Tu Yaa Main movie still
IMAGE CREDIT: Tu Yaa Main Trailer

इसे सुनकर मारुति काफी कन्फ्यूज हो जाता है, लेकिन इसी कन्फ्यूजन के बीच मारुति और अवनी गोवा की ट्रिप पर निकल जाते हैं। तभी इनकी बाइक खराब हो जाती है जिस वजह से इन्हें एक ऐसे होटल में रुकना पड़ता है, जिसका लाइसेंस भी रिन्यू नहीं हुआ था। क्योंकि वह होटल काफी दिनों से बंद था, इसलिए वहां का स्विमिंग पूल सिस्टम भी गड़बड़ था और उसकी रिपेयरिंग चल रही थी।

इसी बीच होटल वाले इलाके में एक बहुत बड़ा मगरमच्छ आ जाता है जो कि दूर जंगल को छोड़कर इस इंसानी इलाके की ओर आ गया है। वह एक एक करके होटल में मौजूद सभी कर्मचारियों और मेहमानों को खा जाता है, लेकिन अवनी और मारुति बच जाते हैं क्योंकि अवनी स्विमिंग पूल में हेडफोन लगाकर तैर रही थी और मारुति अपनी बाइक को सही करवाने के लिए बाहर गया हुआ था।

इसी बीच स्विमिंग पूल का पानी धीरे-धीरे खत्म हो जाता है और जब पानी निचली सतह पर पहुंच जाता है, तब अवनी को पता चलता है कि स्विमिंग पूल में कुछ गड़बड़ है। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी क्योंकि यह स्विमिंग पूल तकरीबन दो मंजिल जितना गहरा है और ऊपर जाने के लिए सीधी जैसा कुछ भी उपलभ्द नहीं होता ।

इसके बाद मारुति होटल में वापस आता है और अवनी को बचाने के चक्कर में वह भी इसी स्विमिंग पूल में गिर जाता है। अब इस सुनसान होटल और सुनसान इलाके में सिर्फ अवनी और मारुति के साथ एक खतरनाक आदमखोर मगरमच्छ मौजूद है। क्या यह कपल इस मगरमच्छ से बच पाएगा या नहीं, यही फिल्म की रोमांचक कहानी है।

कैसा है निर्देशन

फिल्म ‘तू या मैं’ का निर्देशन ‘बिजॉय नांबियार’ ने किया है, जो इससे पहले साल 2011 में आई फिल्म ‘शैतान’ का भी निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म को देखते वक्त आपको यह अच्छे से महसूस होता है कि इसे एक मंझे हुए डायरेक्टर ने बनाया है।

भले ही इसकी मुख्य पटकथा एक मगरमच्छ और कपल के बीच है, लेकिन इस फिल्म का फर्स्ट हाफ पूरी तरह से फैमिली की उलझनों और शहरी इलाके पर आधारित है। यही वजह है कि जब फिल्म के सेकंड हाफ में मगरमच्छ वाला सीक्वेंस शुरू होता है, तब आप फिल्म से अंत तक जुड़े रहते हैं।

सिनेमैटोग्राफी और तकनीकी पक्ष

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी ‘रेमी दलाई’ ने की है और यह इतनी सुंदर है कि गोवा जैसा टूरिस्ट प्लेस भी एकदम विदेशी लोकेशन के जैसा दिखाई देता है। फिल्म की कलर ग्रेडिंग को देखकर ठीक वैसा ही अहसास होता है जैसे सर्वाइवल वाली हॉलीवुड फिल्मों में कलर्स मिक्सिंग देखने को मिलती है।

इसका बैकग्राउंड म्यूजिक भी काफी अच्छा है जिसमें कई पुरानी फिल्मों के गाने डाले गए हैं, जैसे सॉन्ग ‘प्यार प्यार और तुम ही हो हमारी मंजिल माय लव’। ये सभी गाने फिल्म में बिना किसी वजह के नहीं दिखाई देते हैं, बल्कि हर एक गाना अपनी सही जगह पर सुनने को मिलता है।

फिल्म के नेगेटिव पॉइंट्स

फिल्म की लंबाई 2 घंटा 25 मिनट है, जिस वजह से यह थोड़ी लंबी जरूर महसूस होती है। मुझे लगता है कि इस फिल्म को 2 घंटे के भीतर एडिट करके बनाया जा सकता था। फिल्म की अगली बड़ी कमी मुख्य किरदार अवनी का मारुति के प्यार में काफी जल्दी पड़ जाना है।

माना कि अवनी के माता-पिता का उसके बचपन में ही तलाक हो गया था और वह अकेली रहती थी, जिस वजह से वह अंदर से काफी सॉफ्ट हार्टेड है, लेकिन फिर भी इस तरह से कहानी में दिखाया जाना पूरी तरह जस्टिफाइड नहीं लगा।

इसके अलावा मूवी के फर्स्ट हाफ में अवनी के दोस्तों वाली ज्यादातर बातचीत को अंग्रेजी में दिखाया गया है क्योंकि वह हाई सोसाइटी से आती है। इस वजह से शुरू के कुछ दृश्यों के डायलॉग्स को समझने में सिंगल स्क्रीन के दर्शकों को थोड़ी दिक्कत हो सकती है।

एक्टिंग और परफॉर्मेंस

मुख्य किरदार निभाने वाले आदर्श गौरव इससे पहले कई बड़ी फिल्मों में सहायक कलाकार के रूप में नजर आ चुके हैं, और यह उनकी पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म है। उन्होंने अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान फूंक दी है।

शुरुआत के 10-20 मिनट भले ही वह हीरो के तौर पर फिट न लगे, लेकिन जैसे जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, यह साफ हो जाता है कि वह इस किरदार के लिए सबसे बेहतर विकल्प थे। शनाया कपूर ने भी अपने अवनी वाले किरदार को बखूबी निभाया है।

इस भूमिका के लिए एक ऐसी लड़की चाहिए थी जो खूबसूरत और क्यूट होने के साथ-साथ सॉफ्ट हार्टेड भी हो, और शनाया इन पैमानों पर खरी उतरती हैं। फिल्म में कुछ अच्छे डायलॉग्स भी हैं- जैसे ‘जो अपनी कीमत खुद तय करता है, उसे दुनिया की कोई कीमत खरीद नहीं सकती’।

निष्कर्ष: फिल्म देखें या नहीं?

यह फिल्म मुख्य रूप से खुद को खतरे से बचाने यानी सर्वाइवल की कहानी पर बुनी गई है। इसमें हॉलीवुड फिल्मों की तरह एलियन का हमला नहीं है, बल्कि विलेन एक आदमखोर मगरमच्छ है। अगर आप थ्रिलर फिल्में देखना पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।

फिल्म की कहानी को पूरी तरह से पारिवारिक रखा गया है, लेकिन फर्स्ट हाफ में एक छोटा सा किसिंग सीन है, तो अपने विवेक से काम लें। साल 1988 में आई फिल्म ‘खून भरी मांग’ से यह फिल्म बिल्कुल अलग है,तो चिंता कोई बात नहीं।

लेकिन हाँ फिल्म ‘तू या मैं’ एक थाई फिल्म “The Pool” (2018) का ऑफिशियल अडैप्टेशन है, जहां पूल में क्रोकोडाइल आ जाता है और उसकी स्टोरी भी कुछ हद तक यही है

रेटिंग: 3.5/5

READ MORE

I Am God Review: क्या बिंदु और देव की लव स्टोरी साइकोकिलर की बुरी नज़र से बचेगी? जानें इस फिल्म मे

Author

  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

Leave a Comment