एक हिंदी दर्शक होने के बावजूद मैं मलयालम सिनेमा से खास प्रेम रखता हूं, क्योंकि मुझे मलयालम फिल्मों की मिस्ट्री थ्रिलर देखना बहुत पसंद है और मैं समझता हूं कि मलयालम सिनेमा मे हमेशा से कुछ अलग तरह का थ्रिलर दिखाने का जुनून है।
जहां एक तरफ बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में सब कुछ आर्टिफिशियल लगता है, वहीँ मलयालम सिनेमा एक रियल जमीन से जुड़ी हुई कहानी दिखाने का दम भरता है।
निविन पॉली की फिल्म बेबी गर्ल जोकी सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी अब रिलीज के बाद इसे ओटीटी पर स्ट्रीम किया जाना है तो आइये जानते हैं अपने इस आर्टिकल के माध्यम से कब और किस ओटीटी पर यह फिल्म देखने को मिलेगी।
बेबी गर्ल ओटीटी रिलीज डेट
बेबी गर्ल, एक मेडिकल थ्रिलर के रूप में जानी जाने वाली फिल्म है जहां अस्पताल के दुनिया की वह काली सच्चाई देखने को मिलती है जिनसे हम सभी अनजान हैं। बेबी गर्ल का निर्देशन किया है अरुण वर्मा ने और कहानी लिखी है संजय के द्वारा।
यहां पर सनल नाम के एक कैरेक्टर को दिखाया गया है जो हॉस्पिटल में काम करता है एक दिन हॉस्पिटल में नवजात बच्ची अचानक से गायब हो जाती है और इसका इल्जाम दुर्भाग्य वश सनल पर आता है।
कहानी में इतना सस्पेंस है कि शुरू से लेकर अंत तक हमारी आंखें स्क्रीन से नहीं हटती फिल्म देखते समय कभी-कभी ऐसा लगता है कि यह फिकशनल ना होकर किसी सच्ची घटना पर बनाई गई है। 23 जनवरी 2026 को इसे सिनेमाघर में रिलीज किया गया था निविन पॉली, फिल्म ‘सर्व माया’ के बाद अब बेबी गर्ल में दिखाई दे रहे हैं, सर्व माया उनकी एक बड़ी हिट फिल्म थी जिसने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था।
बेबी गर्ल्स के ओटीटी राइट्स सोनी लिव के पास है और सोनी लिव इसे 12 फरवरी 2026 से अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम करेगा, इस बात को आधिकारिक तौर पर सोनी लिव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के द्वारा बताया है इन्होंने यहां पर लिखा है कि, एक मिसिंग बेबी गर्ल एक भागता हुआ अटेंडेंट और एक सच और फिर अनाउंस किया 12 फरवरी को स्ट्रीम हो रही है सोनी लिव पर बेबी गर्ल।
कोरोना वायरस के बाद ओटीटी का क्रेज दर्शकों के बीच बढ़ता दिखा जिस वजह से फिल्में अब 8 हफ्तों के बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स अमेजॉन प्राइम सोनीलिव जिओ हॉटस्टार पर उपलब्ध करा दी जाती हैं।
क्या है बेबी गर्ल की कहानी
फिल्म के अंदर कहानी एक अस्पताल की दिखाई जाती है जहां पर एक छोटा बच्चा मिसिंग है, इस बच्चे की किडनैपिंग के मामले में सरल जो की फिल्म का मुख्य कैरेक्टर है फस जाता है कहानी हमें दिखाना चाहती है कि सच में आखिर क्या सही होता है और क्या गलत है जिसे हम गलत मानते हैं वह सच और सच कभी-कभी गलत निकलता है।
अरुण वर्मा जो की फिल्म के निर्देशक हैं इन्होंने इस फिल्म को इस तरह से पेश किया है जिसे देखकर यह एक रियलिस्टिक कहानी लगती है, अस्पताल में जितने भी सीन शूट किए गए हैं वह सभी असल दिखाई देते हैं बेबी गर्ल फिल्म के माध्यम से यहां पर यह भी दिखाने की कोशिश की गई है,
कि आज के आधुनिक भारत में भी हेल्थ केयर में कितनी कमियां है कहानी रियल इंसीडेंट पर तो बेस्ड नहीं है पर इस तरह की स्टोरी बहुत बार मीडिया वह अखबार के माध्यम से जानने को ज़रूर मिलती रहती है।
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