56 Days Series Review: अपार्टमेंट 11 का वो खौफनाक सच, होश उड़ा देगी ये कहानी।

56 Days Series Review: ओलिवर और सियारा की मुलाकात से शुरू हुई यह कहानी कैसे एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में बदल जाती है? जानिए '56 Days' वेब सीरीज के सभी पहलुओं और इसकी रेटिंग के बारे में।

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February 19, 2026 11:11 AM (IST)
56 Days Series Review in Hindi

18 फरवरी 2026 के दिन ‘अमेजॉन प्राइम वीडियो’ पर भारत में हिंदी भाषा के साथ एक नई वेब सीरीज रिलीज हुई है, जिसका नाम “56 Days” है। इस पूरी सीरीज में टोटल 8 एपिसोड देखने को मिलते हैं, जिनमें से हर एक की लंबाई तकरीबन 50 से 55 मिनट के भीतर है।

इस सीरीज की कहानी मुख्य रूप से अपार्टमेंट नंबर 11 में हुए एक काफी अजीबोगरीब मर्डर की मिस्ट्री पर बेस्ड है। 56 Days नाम की इस सीरीज के क्रिएटर का नाम ‘Karyn Usher’ और ‘Lisa Zwerling’ है। कैरिन, जो कि इससे पहले कई टीवी सीरीज को प्रोड्यूस कर चुके हैं, जिनमें ‘Prison Break’ और ‘Touch’ शामिल है।

वहीं दूसरी ओर ‘लिसा ज़्वरलिंग’ हैं, जो इससे पहले ‘The Event’ और ‘Wake’ नाम की सीरीज को प्रोड्यूस कर चुकी हैं। तो चलिए जानते हैं इन दोनों अनुभवी क्रिएटर्स द्वारा बनाई गई इस नई सीरीज ’56 Days’ के बारे में और करते हैं इसका डिटेल रिव्यू।

56 Days की कहानी (बिना स्पॉइलर्स)

मैं एक बात आपको पहले ही स्पष्ट कर दूं, कि इस पूरी सीरीज की कहानी को 56 दिनों के भीतर ही दिखाया गया है, यही वजह है कि इसका नाम भी 56 Days रखा गया है।

सीरीज की शुरुआत होती है पहले दिन यानी डे-1 से, एक ऐसे स्टोर से जहां पर ‘कंबुचा’ नाम की एक ड्रिंक की भरमार है, हालांकि वह जनरल स्टोर भी है।

यहीं पर ‘ओलिवर’ और ‘सियारा’ की मुलाकात होती है। ओलिवर पेशे से एक आर्किटेक्ट फर्म में काम करता है। हालांकि वह कंपनी में ड्राइंग नहीं करता बल्कि, सिर्फ क्लाइंट्स से डिस्कस करता है।

दूसरी ओर है सियारा जो एक टेक सपोर्ट क्लाउड कंपनी में काम करती है, जहां वह बैकअप और डाटा रिकवरी की एक्सपर्ट है। सियारा के पिताजी एक नेवी ऑफिसर हैं और उसकी माँ एक गंभीर बीमारी से जूझ रही है।

साथ ही सियारा की एक छोटी बहन ‘शायला’ (मेगन पेटा हिल) भी है, लेकिन सियारा के परिवार पर काफी सारा लोन है जिसके लिए वह घर में पैसे भेजती है।

हालांकि वह रिसेंटली बोस्टन शहर में शिफ्ट हुई है। साथ ही इन दोनों का ही ऑफिस एक ही लेन में बना हुआ है, जिस वजह से यह एक जनरल स्टोर में एक दूसरे से टकराते हैं और ओलिवर, सियारा को “नासा” का कर बुलाता है।

क्योंकि सियारा के पास एक खास तरह का हैंडबैग है जिस पर ‘NASA’ लिखा हुआ है और यह बैग उसने न्यूयॉर्क के स्पेस म्यूजियम से खरीदा था।

इसी तरह इन दोनों की बातचीत आपस में बढ़ती है और दोस्ती हो जाती है, इसी दौरान ओलिवर कहता है कि अपोलो 11 पर बनी हुई एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘Edlo’ थिएटर में रिलीज हो रही है और वह सियारा को ब्रुकलिन साथ चलने के लिए बोलता है, जिसे सुनकर वह हां कर देती है।

वहीं दूसरी तरफ इसी सीरीज के दो अन्य अहम किरदारों को भी दिखाया जाता है जिनके नाम ‘ली रियरडन’ और ‘कार्ल कोनोली’ हैं। यह दोनों भले ही पेशे से पुलिस डिटेक्टिव ऑफिसर हों, लेकिन घर में पति और पत्नी हैं।

रिसेंटली इन्हें एक मर्डर केस की इन्वेस्टीगेशन के लिए भेजा गया है, जो की ‘सीपोर्ट’ इलाके में बने हुए एक अपार्टमेंट में हुआ है, जहां पर इससे पहले रशियन माफिया का राज था। इसी बीच कहानी में एक अन्य किरदार की एंट्री होती है जिसका नाम ‘जेन मिलर’ (किरा गुलोइयन) है।

हालांकि यह पात्र थोड़ी संदिग्ध है, क्योंकि वह सियारा को बताती है, कि उसका बॉयफ्रेंड ओलिवर अंदर से वैसा बिलकुल भी नहीं है, जैसा वह बाहर से दिखाई देता है।

हालांकि सियारा द्वारा जेन की बात को सिरे से नकार दिया जाता है। आगे चलकर जब सियारा की बिल्डिंग में पेस्ट कंट्रोल का काम होना होता है जिसके लिए सभी को वह बिल्डिंग खाली करनी होगी और इसी के परिणाम स्वरूप सियारा, 2 हफ्तों के लिए ओलिवर के घर शिफ्ट हो जाती है।

वहीं दूसरी ओर डिटेक्टिव ली और उसका पति कार्ल इस मर्डर केस की जांच में लगे हुए हैं, इसी दौरान उनकी मुलाकात ‘इलियट बरहेन’ (अल्फ्रेडो नार्सिसो) नाम के आदमी से होती है। जिनकी वाइफ हाल ही में इस दुनिया से गई हैं।

यह ओलिवर की कंपनी का मैनेजर है, और अब इलियट से अपार्टमेंट 11 में हुए इस मर्डर की पूछताछ शुरू होती है। इस पूछताछ का हिस्सा ‘केविन’ (मैट मरे) भी बनता है, जो इसी अपार्टमेंट का ब्रोकर / अपार्टमेंट तकनीशियन है और इसने बिल्डिंग के बेसमेंट वाले कुछ जरूरी फुटेज को पैसे लेकर डिलीट कर दिया था।

अब क्या इस सीरीज के अंत तक डिटेक्टिव ली और कार्ल अपार्टमेंट में हुई इस खतरनाक मर्डर की गुत्थी को सुलझा पाएंगे और कातिल को सामने ला पाएंगे?
क्यों ओलिवर ने ‘ओलिवर सेंट लेजर’ नाम के व्यक्ति की आइडेंटिटी को चुराया है?
क्या ओलिवर ने ही इस खतरनाक हत्या को अंजाम दिया है?
या फिर सियारा ने ओलिवर के पैसे चुराते चुराते अपना लोन चुकता करने के लिए कोई बड़ी साजिश रची है?

इन सभी अहम सवालों के जवाब जांनने के लिए आपको देखनी होगी सीरीज 56 Days।

कैसी है कलाकारों की एक्टिंग

सीरीज के मुख्य किरदार ओलिवर को ‘अवन जोगिया’ ने निभाया है और जिस तरह से वे एक काफी शांत स्वभाव वाले व्यक्ति के रूप में नजर आते हैं, वह लाजवाब है। ओलिवर को रात को सोने में परेशानी है और समय-समय पर वह थैरेपिस्ट के पास भी जाता है, फिर भी काफी संतुलित नज़र आता है।

हालांकि जिस तरह से ओलिवर की दूसरी साइड को दिखाया गया है, वह काफी रहस्मयी है। और यही वजह है कि Oliver की असलियत जानने के लिए मैं इस सीरीज से अंत तक बंधा रहा।

सीरीज में सियारा के किरदार में डोव कैमरून नजर आती हैं। जिन्हें आपने इससे पहले ‘डिज्नी’ की कई फिल्मों में देखा होगा, और इस बार भी 56 Days सीरीज में वह अपनी फिल्मों की तरह ही काफी खूबसूरत नजर आई हैं। उनकी एक्टिंग की बात करें तो वह भी काफी इनोसेंट गर्ल की है, जो उन पर पूरी तरह सूट करती है।

वहीं ली और कार्ल वाले डिटेक्टिव के रूप में कार्ला सूज़ा और डोरियन मिसिक ने भी अपने-अपने किरदार को अच्छे से निभाया है। जहां एक तरफ डोरियन एक ऐसे पुलिस ऑफिसर बने हैं जो मिजाज से थोड़ा विद्रोही है, हालांकि उसे संभालने के लिए कार्ल हमेशा मौजूद रहती हैं।

सीरीज के नेगेटिव पॉइंट्स

मुझे लगता है प्राइम वीडियो की ’56 Days’ इस तरह की पहली सीरीज होगी जिसके हर एक एपिसोड में इतने सारे एडल्ट सीन देखने को मिलते हैं। जो एक समय पर आकर जबरदस्ती ठुसे हुए महसूस होने लगते हैं।

सीरीज में खूब सारे न्यूड और बोल्ड सीन दिखाए गए हैं, जिस वजह से इससे फैमिली ऑडियंस पूरी तरह दूर रहेगी। हां यही वजह है, मुझे लगता है यह सीरीज के लिए एक बड़ा डिसएप्वाइंटमेंट साबित होगा। क्योंकि मेरे हिसाब से बोल्ड कंटेंट देखने वाली ऑडियंस के मुकाबले फैमिली ऑडियंस की संख्या काफी अधिक है।

56 Days सीरीज को पूरे 8 एपिसोड के अंतर्गत रखा गया है, हालांकि जब आप इसे देखना शुरू करते हैं तो महसूस होता है, कि इस सीरीज की कहानी काफी संक्षिप्त है।

जिसे भले 8 एपिसोड में रखा जाता, पर उन एपिसोड की लंबाई को 30 से 35 मिनट तक किया जा सकता था। क्योंकि इन्हें देखने पर लंबाई के हिसाब से यह काफी हद तक खिंचे हुए महसूस होते हैं।

सीरीज की अच्छी बातें

56 Days के पहले एपिसोड ने ही मुझे बांध लिया था, यही वजह रही कि मैं आठवें एपिसोड तक इसे लगातार देखता ही चला गया। क्योंकि जिस तरह से इसमें मर्डर मिस्ट्री को सॉल्व करने की इन्वेस्टीगेशन को दिखाया गया है वह काफी दिलचस्प है।

भले ही इस सीरीज में रोमांस और हॉट सीन्स को भर भर कर डाला गया हो, पर हां यहां पर मैं इसके मेकर्स की तारीफ करना चाहूंगा, क्योंकि जिस तरह से उन सभी हॉट सीन्स को एग्जीक्यूट किया गया है वह बिल्कुल भी क्रिंज नहीं लगते, क्योंकि वह सभी प्रीमियम फील देते हैं।

सीरीज में काफी कम किरदारों को दिखाया गया है जिस वजह से दर्शक किरदारों की कहानी से काफी जुड़ाव महसूस कर पाएंगे, क्योंकि सीरीज में कम लोग होने की वजह से दर्शकों का ध्यान बिल्कुल भी भटकने से बच जाएगा। जो कि इसके लिए एक अच्छी बात है।

निष्कर्ष

हॉट एलिमेंट्स से भरी हुई अमेजॉन प्राइम वीडियो की यह वेब सीरीज ’56 Days’ मुख्य रूप से उन ऑडियंस के लिए परफेक्ट है, जिन्हें क्राइम ड्रामा के साथ-साथ बोल्ड सीन से भरी हुई कहानी देखने में मजा आता है।

हालांकि फैमिली ऑडियंस के लिए मैं इसे बिल्कुल भी रिकमेंड नहीं करूंगा। हां वह बात अलग है कि इसकी कहानी काफी इंगेजिंग और इंटरेस्टिंग है जो इसे, इस तरह की कैटेगरी में बनी हुई पिछली सभी वेब सीरीजों से थोड़ा अलग बनाती है।

रेटिंग: 3/5

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  • arslan khan is a author of oyeisfriday.com

    मैं अर्सलान खान हूँ। बॉलीवुड और OTT कंटेंट के गहन रिव्यू और विश्लेषण का शौक और विशेषज्ञता रखता हूँ। मैंने जामिया मिलिया इस्लामिया से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है, जिसमें फिल्म स्टडीज और क्रिटिसिज्म भी शामिल था। बीते समय में मुझे अमर उजाला के एंटरटेनमेंट डेस्क में काम करने का अनुभव रहा है। और अब मै Oyeisfriday पर बेबाक और गहराई वाले रिव्यूज़ लिखता हूँ,फिर चाहे फिल्म हो या वेब सीरीज।

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